मढ़ौरा। नगर क्षेत्र के
पप्पू कुमार यादव व जूही कुमारी ने बीपीएससी परीक्षा पास कर आरडीओ के पद पर चयनित होकर परिजनों सहित मढ़ौरा का नाम रौशन किया है। वुधवार को देर शाम बीपीएससी का रिजल्ट घोषित होते ही दोनों अभ्यर्थियों के नाम परीक्षा परिणाम में शामिल होने पर परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।चयनित अभ्यर्थी में पकहां गांव निवासी मनोज कुमार राय के पुत्र पप्पू कुमार यादव को 94वीं रैंक व मढ़ौरा खुर्द के अनिरुद्ध प्रसाद गुप्ता की पुत्री रुचि कुमारी ने 307वीं मिला है।दोनों अभ्यर्थी आरडीओ के पद पर अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों के सूची में शामिल हैं।

पप्पू बीएचयू में है पीएचडी स्कॉलर

ग्रामीण क्षेत्रों से निकला पप्पू कुमार यादव प्रारंभिक पढ़ाई के साथ अपने पिता के चाय दुकान में हाथ बंटाते आज एक अधिकारी बन गया है। पप्पू ने साबित कर दिया है कि पढ़ाई की जुनून हो तो संसाधनो का अभाव उसके पांव को पीछे नहीं खींच सकता है।पप्पू का पैतृक गांव मशरक के जयथर में है।उनके पिताजी जीवकोपार्जन के लिए मढौरा के स्टेशन चौक पर अपनी चाय की दुकान खोलकर बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा उठा रखा था और बच्चे भी अपने पिता की मजबूरी को समझ सीमित संसाधनों में पढ़ाई में बेहतर कर रहे थे। पार्ट टाइम पिता के चाय दुकान पर हाथ बंटाते-बंटाते पप्पू मढ़ौरा उच्च विद्यालय से मैट्रिक में प्रखंड टॉपर बना।फिर राजेन्द्र कॉलेज छपरा से इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद फिलहाल बीएचयू से पीएचडी का स्कॉलर है।अब बीपीएससी के दूसरे प्रयास में ग्रामीण विकाश अधिकारी के रूप में चयनित हुआ है।एक छोटी सी चाय की दुकान से दो बच्चें और तीन बच्चियों को शिक्षा के साथ परवरिश की जिम्मेदारी ढो रहे मनोज कुमार राय ने कहा कि आज मेरे लिए खुशी का सबसे बड़ा दिन है कि मेरे जीवन मे सपना सचमुच में साकार रूप लिया है। सफलता पर पप्पू के घर पहुंचकर जिलापार्षद मीना अरुण,अरुण सिंह व अन्य ने बधाई व शुभकामनाएं दी।

जूही ने घर पर सेल्फ स्टडी कर बनी आरडीओ :

मढ़ौरा खुर्द निवासी पुस्तैनी व्यापारी स्व. हजारी प्रसाद की पौत्री व अनिरुद्ध प्रसाद की पुत्री जूही कुमारी ने भी परिजनों के साथ क्षेत्र का नाम रोशन किया है।रुचि ने बीपीएससी 66वीं में 307वीं रैंक लाकर आरडीओ के पद पर अंतिम रूप से चयनित हुई है।बीपीएससी की परीक्षा के लिए छात्र कई कोचिंग संस्थानों की मदद लेते हैं वहीं जूही ने गांव-घर मे रहकर सेल्फ स्टडी से बीपीएससी क्रैक किया है।रुचि ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता के साथ अपने भाइयों को दी है।रुचि के बड़े भाई ने बीपीएससी की तैयारी कोचिंग संस्थानों में पढ़कर किया, लेकिन अंतिम रूप से बीपीएससी क्रैक नहीं कर सका था, तो रुचि ने अपने भाई के नोट्स और मोबाईल एप्प से मदद लेकर अपनी तैयारी को मुक्कमल की और अब सफलता उसके झोली में है।जूही के सफलता पर जिलापार्षद मीना अरुण, अरुण सिंह, मुन्नलाल गुप्ता व अन्य ने रुचि को बधाई व शुभकामनाएं दी है।