दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट :-
पुलिस को 7 वर्षों में नहीं मिला, नाबालिग अपाहिज लड़की का सुराग
पश्चिम चंपारण जिला के बेतिया पुलिस की कर्तव्यहीनता एवं ड्यूटी में लापरवाही रहने के कारण बेतिया शहर के किला मोहल्ला में जो वार्ड नंबर 20 की 16 वर्षीय लड़की जो 8 जुलाई 2011 को अपहृत हुई, उसका सुराग पता करने में बेतिया पुलिस को सात वर्ष लग गये लेकिन उसका सुराग पता नही चल सका I अपहरण के 07 वर्ष बाद भी दिव्यांग 16 वर्षीय लड़की को ढूंढने में पुलिस नाकाम रही हैI विगत 1 वर्ष पूर्व 3 अगस्त 2017 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मनुआपुल तुनि़या निवासी हैदर अली, अजीम अंसारी, वहीद अंसारी, भोला अंसारी के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज किया गया, मगर पुलिस आज तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है और ना ही अपहृत लड़की को ढूंढ पाई है, पुलिस के लिए यह विडंबना है कि अपने कार्य क्षेत्र में इस कदर कि लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता ने बताया कि उसका बड़ा लड़का गैस सिलेंडर से आग लगने के कारण मर गया और उसकी फूल जैसी प्यारी बेटी नाबालिग थी आरोपीतों ने गायब कर दिया, पीड़िता के मां ने जयन्त कांत से मिलकर अपनी पूरी कहान सुना डाली है, पुलिस अधीक्षक ने अपने तेवर को कड़े करते हुए नगर थाना अध्यक्ष को इस संबंध में उनके आवेदन पर बिंदुवार जांच करते हुए हैं जांच प्रतिवेदन 1 सप्ताह में समर्पित करने को आदेश दिया है। पीड़िता के पिता ने बताया है कि 6 जुलाई 2011 को उनकी बेटी कॉलेज में पढ़ने को घर से निकली, शाम तक हो कॉलेज से नहीं लौट सकी, तो उन्होंने संबंधियों से पूछताछ किया कोई सुराग नही मिलाI कुछ दिन बाद पता चला कि हैदर अंसारी ने उसे अगवा कर लिया हैI इस बावत पता चला कि पूर्व से ही उस लड़की के चक्कर में हैदर अंसारी पड़ा हुआ था, लड़की के परिजन जब हैदर अंसारी के घर गए हैं, तो उन लोगों ने कहा कि हैदर अंसारी उस लड़की से शादी कर लिया है और लेकर दिल्ली चला गया है, दिल्ली से लौटने के बाद आपकी लड़की आपके पास चली जाएगी I किन्तु आज तक लड़की नहीं मिल सकी है, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हैदर अंसारी ने न्यायालय को चकमा देकर बेल करा लिया, मगर पुलिस आज तक लड़की को नहीं ढूंढ पाई है, लड़की की मां कई बार पुलिस पदाधिकारियों का चक्कर लगाती रही, मगर नतीजा ढाक के तीन पात रहा । घटना के 6 साल बाद जब पीड़िता की मां पूर्व के पुलिस कप्तान विनय कुमार से मिलकर जब अपनी सारी दास्तान सुनाई तो विनय कुमार ने एक निर्देश जारी कर हैदर अली के परिवार पर लड़की के हत्या करने का मामला दर्ज कराया, मगर पुलिस इस मामले को सुलझाने में नाकाम रही और अपहृत नाबालिग लड़की का पता लगाने में सक्षम नहीं हो सकी। इस तरह इस घटना से संबंध में पुलिस कितनी सक्रिय का सहज अंदाज़ा लगाया जा सकता है, कि 7 वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक उस पीड़ित नाबालिग लड़की का कोई सुराग नहीं मिल सका है, जिससे यह पता चल सके कि वह नाबालिग लड़की जिंदा है या उसकी मौत हो गई है।