बेतिया – बगहा :–*हाय रे समाज आप की करतुर से मानव विश्वाश की खून कर गयी ,*

न्यूज इनपुट विजय कुमार शर्मा की कलम से :–
*उठता जा रहा बिश्वास आज के समाज का*।
एक गांव में कोहराम मच गया ,जब तिलक के दिन विवाह कट गया ,
साज की तैयारी धरी की धरी रह गयी, तिलक का कार्यक्रम खटाई पड़ गयी ,गली चौराहो पर चर्चा का विषय बन गया कन्या पक्ष की नादानी परिवार सहित समाज को भी कलंकित कर गया, आखिर ऐसा कौन सा कारण हो गया तिलक कार्यक्रम के दिन ही तिलक न चढ़ाने का सूचना कन्या पक्ष ने दे दिया, क्यो नही अब तक कन्या पक्ष के लोगो ने जांच पड़ताल किया, 6 माह से तय हुई शादी आज बर्बादी का कारण क्यो बन गयी , यही सवाल गलियो में आम जन मानस कर रही है , अगर यही हाल समाज के कलयुगी मानव के जुबान की रही तो ,आने वाले समय मे कैसे कोई करेगा तैयारी, कौन ब्यक्ति बिभीषण बन जाये इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होगा ,आज बर पक्ष के वहां मातम जैसा मौहाल बन गया है ,रिस्तेदार आकर वापस जा रहे है , शुभ चिंतक मायूस हो कर लौट जा रहे ,
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