*प्रेस क्लब अॉफ इंडिया के  रवैया की मै निंदा करता हूँ*
*✍नवीन सिंह परमार*
✏मित्रों, पिछले दिनों ndtv पर सीबीआई के द्वारा किए गए छापेमारी के खिलाफ एडिटर्स गिल्ड से लेकर प्रेस क्लब आफ इंडिया तक प्रेस की
आजादी के नाम पर ndtv  के साथ खड़ा नजर आ रहा है. 
 प्रेस क्लब पत्रकारों का क्लब है, न कि मालिकों का, जब पत्रकारों की नौकरी जाती है तब प्रेस क्लब क्यों नहीं आगे आता है? आज तक कितने पत्रकारों की नाौकरी के लिए प्रेस क्लब आगे आया है? जरा सोचिए। दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान आदि अख़बार समूह ने पूरे देश के लगभग 5000 अख़बार कर्मियों को सरकार द्वारा मान्य वेतन मांगने पर गलत तरीके से बाहर कर दिया, तब ये सब दलाल कहाँ थे?क्या तब इनकी प्रेस की आजादी पर हमला नहीं हुआ था. *जब सीवान में हमारे साथी राजदेव रंजन की हत्या कर दी गई तब प्रेस क्लब अॉफ इंडिया ने दिल्ली में बैठक कर के इस हत्याकांड के खिलाफ कोई कङा एक्शन क्यों नहीं लिया…?*
*मै, एक पत्रकार होने के नाते प्रेस क्लब अॉफ इंडिया व एडिटर्स गिल्ड के द्वारा किए गए पत्रकारिता विरुद्ध कार्रवाई की निंदा करता हूँ.*
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*👉श्रीनारद संवाद सेवा*
#shrinaradsamvad