
पहली वर्षगाँठ पर पोषण पखवाड़े की होगी शुरुआत ,हर घर मनेगा पोषण त्योहार
आगामी 8 से 22 मार्च तक चलाया जायेगा पोषण पखवाड़ा अभियान
ロ सन्नी भगत /नवादा / 1 मार्च : पोषण अभियान का पहला वर्ष 8 मार्च को पूरा हो रहा है. पोषण पर अलख जगाने के लिए अभियान के पहले वर्षगाँठ पर जिले में पोषण पखवाड़े की शुरुआत की जायेगी. इस दौरान पोषण से संबंधित जन आन्दोलन गतिविधियों का आयोजन बृहद स्तर पर किया जाएगा.
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकर ने सभी राज्यों को पत्र के माध्यम से पोषण पखवाड़े के विषय में निर्देशित किया है . पत्र के माध्यम से बताया गया है कि पोषण अभियान के प्रथम वर्षगाँठ के उपलक्ष्य पर 8 मार्च से 22 मार्च तक पोषण पखवाडा चलाया जायेगा. पिछले वर्ष के सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया गया जिसमें विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए.
उसी के अनुरूप इस पोषण पखवाड़े में भी सामुदायिक स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. इस दौरान जन आन्दोलन के माध्यम से पोषण के विषय में सामुदायिक जागरूकता को बढ़ाते हुए कुपोषण पर वार करने की रणनीति पर कार्य किया जायेगा. जिसमें कुपोषण को कम करने के लिए पोषक तत्त्वों के सेवन के लिए समुदाय को प्रेरित करना एवं कुपोषण को रोकने के लिए स्तनपान, पूरक आहार, मातृत्व पोषण एवं किशोरी पोषण जैसी प्रथाओं को अपनाने के लिए ज्ञान, मनोवृति एवं आचरण का निर्माण करना प्रमुखता से शामिल होगा.
पोषण पखवारे में होने वाली गतिविधियाँ: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर जिले में 8 मार्च से 22 मार्च तक पोषण पखवाडा मनाया जायेगा. इस दौरान जागरूकता रैली, सुपोषण मेला, पोषण पर सामुदायिक स्तर पर बैठक, प्रभात फेरी, स्कूल आधारित जागरूकता कार्यक्रम एवं किशोरी पोषण के लिए जागरूकता अभियान का आयोजन होगा. साथ ही सामुदायिक पोषण पर जागरूकता को बढ़ाने के लिए आशा एवं आँगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा गृह भ्रमण भी किये जायेंगे. सारे आयोजन चिन्हित ग्राम पंचायत एवं स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर किये जायेंगे.
जिसके लिए सूक्ष्म कार्ययोजना भी बनाई गयी है. अभियान के दौरान गर्भवती, धात्री, शिशु एवं किशोरी पोषण पर सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने के साथ उनके व्यवहार परिवर्तन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. साथ ही आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित समुदाय के लिए उनके बेहतर पोषण पर सरकार द्वारा दी जाने वाली सेवाएं एवं सुविधाओं के विषय में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी.
यह है पोषण अभियान: बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री महिलाओं में पोषण में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2018 में पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन) की शुरुआत की गयी है.यह कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं एवं किशोरियों के पोषण पर फोकस के साथ बच्चों में ठिगनेपन, कुपोषण, खून की कमी एवं जन्म के समय कम वजन के अंतर को कम करने और इस प्रकार समग्र रूप से कुपोषण की समस्या को दूर करने की दिशा में प्रयासरत है. कार्यक्रम का उद्देश्य जागरूकता के माध्यम से आचरण एवं व्यवहार में परिवर्तन द्वारा सभी कारगर उपायों को सुनश्चित करते हुए 0 से 6 वर्ष के आयु के बच्चों में ठिगनेपन को राष्ट्रीय स्तर पर 34.6 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करना है.




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