
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की आभासी बैठक सम्पन्न
• डीजल रेल इंजन कारखाना राजभाषा विभाग द्वारा गूगल मीट के माध्यम से
वाराणसी।आज दिनांक 29 जुलाई को आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की छमाही आभासी बैठक को सम्बोधित करत हुए यशपाल सिंह, महाप्रबंधक, डीरेका एवं अध्यक्ष, नराकास ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि वर्तमान परिदृश्य में हमारे सामने नई चुनौतियां आ खड़ी हुई हैं । इस विषम परिस्थिति में भी हमें अपने कार्य की गुणवत्ता एवं गति को बनाए रखने के साथ ही राष्ट्र के विकास में अपनी पूरी क्षमता उपयोग करना है । ऐसी परिस्थिति में ऑनलाइन माध्यम हमारे लिए वरदान साबित हो रहा है । श्री सिंह ने सभी सदस्य कार्यालयों से गृह मंत्रालय (राजभाषा विभाग) के नये दिशानिर्देश एवं परामर्श को आत्मसात करते हुए ऑनलाइन माध्यमों से बैठकों, कार्यशालाओं, तकनीकी विचार गोष्ठियों एवं साहित्यकारों की जयंतियों का नियमित आयोजन तथा अपने-अपने संगठनों से ई-पत्रिका के प्रकाशन पर बल दिया ।
आभासी बैठक में प्रेक्षक के रूप में पधारे श्री अजय मलिक, उप निदेशक/कार्यान्वयन, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय ने नराकास के सदस्य कार्यालयों द्वारा प्रस्तुत प्रगति रपट पर चर्चा करते हुए कहा की सरकारी कार्यों में शत-प्रतिशत हिन्दी के प्रयोग सुनिश्चित करें और कम्प्यूटर में यूनिकोड के माध्यम से हम निश्चित रूप से हिन्दी में सूचनाओं का आदान-प्रदान कर देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं ।इसके पूर्व श्री पवन प्रिय राजू, मुख्य राजभाषा अधिकारी, डीरेका एवं उपाध्यक्ष/नराकास ने ऑनलाइन उपस्थित सभी सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए नराकास के कार्यकलापों पर प्रकाश डाला तथा डीरेका जैसी तकनीकी इकाई में हो रहे हिन्दी के प्रयोग और प्रगति के लिए किये जा रहे ऑनलाइन रचनात्मक प्रयासों से अवगत कराया ।
आभासी बैठक का संचालन करते हुए समिति के सदस्य सचिव एवं डीरेका के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी ने समिति की पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के उपरान्त राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत जारी कागजातों की स्थिति, कार्यालयी कामकाज में हिन्दी का प्रयोग बढ़ाने के संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के विभिन्न मदों एवं उनके लिए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति/कार्यान्वयन की स्थिति तथा नगर स्थित विभिन्न कार्यालयों से प्राप्त हिन्दी की प्रगति संबंधित रपट पर चर्चा की ।
इस अवसर पर केन्द्रीय सचिवालय, हिन्दी परिषद् के प्रतिनिधि जे.एन.राय के साथ ही साथ वाराणसी स्थित केन्द्रीय सरकारी कार्यालयों, केन्द्रीय निगमों, उपक्रमों एवं स्वायत्तशासी संगठनों के कार्यालयों के विभागाध्यक्षों/प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।




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