दैनिक खोज खबर/सोनपुर। टोपोलैंड के मालिकाना हक और मुआवजे के मुद्दे को लेकर सोनपुर के सबलपुर योगी चौक पर भू-स्वामियों और किसानों की एक विशाल महापंचायत आयोजित की गई। ‘टोपोलैंड संघर्ष समिति’ के बैनर तले आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता माधो राय ने की और संचालन वीरेंद्र शर्मा ने किया। बैठक में क्षेत्र के सैकड़ों स्थानीय लोग और किसान शामिल हुए। महापंचायत में वक्ताओं ने सरकार और स्थानीय प्रशासन की नीतियों के खिलाफ कड़ा आक्रोश जताया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह सम्राट और अधिवक्ता नवल सिंह ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की जनता विकास कार्यों की विरोधी नहीं है। लेकिन विकास के नाम पर किसानों और रैयतों के कानूनी अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान नेताओं का कहना है कि जिस जमीन को प्रशासन टोपोलैंड बताकर मनमाने ढंग से कब्जा करना चाहता है, उस पर लोग वर्षों से खेती और निवास कर रहे हैं। उनके पास इस जमीन की वैध लगान रसीदें, कागजात और पूर्वजों के समय से चले आ रहे कब्जे के पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं। सुधीर सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने मांग की कि यदि सरकार इस भूमि पर कोई विकास परियोजना शुरू करना चाहती है, तो पहले प्रभावित भू-स्वामियों को नियम के अनुसार उचित मुआवजा दे। बिना मुआवजा दिए जमीन पर काम शुरू करना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। अपनी मांगों को लेकर संघर्ष समिति ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। 15 जून को पहले चरण में सभी प्रभावित भू-स्वामी अपने-अपने घरों पर काला झंडा लगाकर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे।

दूसरा चरण में इसके बाद प्रशासन को जगाने के लिए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। तीसरा चरण में यदि फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र में होने वाली राजनीतिक सभाओं और नेताओं का काले झंडे दिखाकर पुरजोर विरोध किया जाएगा। बैठक में राम विनोद सिंह, उमाशंकर राय, दयाशंकर राय, मुखिया विकास राय और अधिवक्ता आलोक कुमार समेत सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर अधिकारों की रक्षा के लिए आखिरी दम तक लड़ने का संकल्प लिया।