महिलाओं का समूह बना कर काम करने से खुलेगें आर्थिक सशक्तिकरण के द्वार 

✍By- परमार डाॅट काॅम : सीवान 
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••🔴सीवान/ तरवारा [ 01 नवंबर ] महिलाओं का समूह बना कर स्वरोजगार सृजन करने से जीविका समूहों के लिये आर्थिक सशक्तिकरण  व  प्रगति के द्वार खुलेंगे ।  इसके लिये महिला  समूहों को झिझक छोडकर रोजगार परक कार्यकलापों से जुडने के लिये पुरी प्रतिबद्धता के साथ आगे कदम बढाना होगा । उक्त बातें गुरुवार को  सीवान के  तरवारा बाजार  के लोहिया भवन में परफेक्ट विजन व जिविका द्वारा आयोजित बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक   (डीडीएम)  मोहम्मद आफताब उद्दीन ने कही । उन्होने कहा कि जिले में  नाबार्ड अपने चैनल पार्टनर परफेक्ट विजन के सहयोग से समूहों को रोजगारोन्मुखी  प्रशिक्षण, मार्केट लिंकेज एवं अपेक्षित मार्गदर्शन देने को तैयार है ताकि उनका समग्र सशक्तिकरण संभव हो सके । उन्होंने कहा कि अगर समूह मार्केट के मांग के अनुरूप हस्तनिर्मित समाग्रियों का उत्पादन करते हैं  तो उसके विक्रय हेतू  नाबार्ड प्रखंड व जिला स्तर पर रूरल मार्ट खुलवा सकती है ।

परफेक्ट विजन के सचिव मनोज मिश्र ने कहा कि आयोजन का उदेश्य जिविका समूहों के हुनर एवं रुचि की पहचान कर उनका कौशल विकास करना व उनके सतत् आय के स्रोत विकसित करना है ।
जीविका  के बीपीएम संदीप कुमार ने कहा कि पचरूखी में रूरल मार्ट खोलने हेतू परियोजना प्रस्ताव परफेक्ट विजन के माध्यम् से शीघ्र ही नाबार्ड को भेजा जायेगा ।

बैठक में पचरूखी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न जीविका समूह से जुड़ी लगभग दो सौ महिलाओं ने भाग लिया ।