लहसुन का समर्थन मूल्य 35 रूपए प्रति किलों लागू करे सरकार – धारीवाल
फ़िरोज़ खान
कोटा 7 जून । किसानों को लहसुन का उचित दाम दिलवान में नाकाम रहने वाली सरकार किसान विरोधी है ओर यहाॅ के जनप्रतिनिधी भी जनता को सफेद झूठ बोेलकर भ्रमित करने के सिवा कुछ काम नही कर रहे है, सासंद ओमबिरला बाजार हस्तक्षेप योजना का झूठा बखान कर रहे है जबकि बाजार हस्तक्षेप योजना पहली बार राजस्थान में मेरे और तात्कालीन मंत्री भरतसिंह के प्रयासो से कैबीनेट की बैठक में मामला उठाने के बाद तात्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लागु की गई थी । राज्य सरकार की ईकाई राजफैड द्वारा साल 2012,13 में 50 करौड रूप्ए सरकार ने जारी किए थे जिसमे 17 रूप्ए प्रति किलो के हिसाब से उस वक्त की लहसुन किसान की उपज लागत के माकूल मूल्र्य किसानो को लहसुन का दिलवाया गया था क्यौकि उस वक्त लहसुन की उपज पर लागत महज 12 से 13 रूप्ए आया करती थी । पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने सासंद ओमबिरला पर जनता को भ्रमित कर सफेद झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सांसद ओमबिरला सिर्फ संसद में सवाल उठाने का रिकाॅड बनाने में लगे है उनके न तो राज्य की सरकार ओर न ही केन्द्र की सरकार तवज्जों दे रही है यही वजह है कि इतने सवाल उठाने के बाद भी एक पर भी कोई काम अब तक नही हुआ चाहे वो एयरपोर्ट का मुददा हो या फिर ग्रामीण इलाको में बिजली पानी सडक सहित किसानो से जुडे मुददे हो । जनता भी अब सासंद से सवाल पुछ रही है कि आखिर इतने सवाल उठाए उनका क्या हुआ।
35 रूप्ए प्रति किलो मिले किसान को लहसुन का दाम
पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि केन्द्र ओर राज्य में बीजेपी की सरकार है लेकिन इन तीन सालों में किसानो की कमर टूट गई है लहसुन सहित अन्य फसलों की लागत मे जो बेहतहाशा बढौत्तरी हुई है उसके लिहाज से किसानो को फसलो का दाम ही नही मिल रहा है यही वजह है किसान सडको पर उतर रहा है आत्महत्याए कर रहा है कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि हाडौती में लहसुन की बंपर आवाक हुई है ऐसे में किसानो को राहत पहुचाने के लिए कम से कम 35 रूपए प्रतिकिलो के हिसाब से समर्थन मूल्र्य लागु किया जाए ओर ऐसा नही होने की सूरत में कांग्रेस पार्टी किसानो के हक लडाई सडक से संसद तक लडेगी।




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