मशरक में सरकारी राशि गबन के आरोप में स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी से जवाब-तलब

✍️हरि किशोर सिंह/मशरक(सारण) मशरक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिसुर रहमान अंसारी से राज्य सरकार के अवर सचिव विवेकानंद ठाकुर ने 34 लाख 75 हजार रुपए गबन करने के मामले में 15 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। सरकार ने यह कार्रवाई सिविल सर्जन के अनुशंसा पर शुरू की है डॉ अनिसुर रहमान अंसारी के खिलाफ तत्कालीन सिविल सर्जन डा ललित मोहन प्रसाद ने सरकारी राशि गबन करने के आरोप में विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए प्रपत्र “क” में आरोप का गठन कर सरकार को अनुशंसा किया था। सिविल सर्जन ने डीएम के आदेश के आलोक में एसीएमओ से इस मामले की जांच दो बार कराई थी। दोनों बार की जांच रिपोर्ट में एसीएमओ ने डा अनिसुर रहमान को सरकारी राशि का गबन करने के मामले में दोषी ठहराया है। डॉ अंसारी पर आरोप है कि विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए आवंटित राशि 34 लाख 75 हजार रुपए का गबन कर लिया गया है। घोटाले के आरोपी डॉ अंसारी अप्रैल माह में ही सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, लेकिन घपले में संलिप्तता के कारण अब तक उनकी सेवानिवृत्ति लाभ, ग्रेच्युटी, जीपीएफ, ग्रुप बीमा समेत उपादान की राशि का भुगतान नहीं हुआ है और पेंशन भुगतान पर भी रोक लगा हुआ है।
लोकायुक्त के आदेश पर शुरू हुई थी गबन की जांच

मशरक सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में स्वास्थ कार्यक्रमों की राशि का गबन की जांच लोकायुक्त के आदेश के आलोक में शुरू किया गया । सिविल सर्जन ने 22 नवंबर 2018 को जांच करने का आदेश जारी किया, जिसके आलोक में एसीएमओ ने 18 जनवरी 2019 को जांच रिपोर्ट समर्पित किया और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुशंसा की। पुनः 6 फरवरी 2019 को एसीएमओ को जांच का आदेश दिया गया और दुबारा जांच रिपोर्ट में एसीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितता में दोषी होने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की अनुशंसा की। इस आलोक में सिविल सर्जन ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछा, जिसका जवाब प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने संतोषजनक नहीं दिया, जिसके कारण उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए प्रपत्र “क” में आरोप गठित कर सरकार को अनुशंसा भेज दिया।

क्या कहते हैं अधिकारी

मशरक के तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूर्व में ही अनुशंसा की गई थी। इस आलोक में उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है और सरकार के द्वारा दुबारा स्पष्टीकरण पूछा गया है।

डा माधवेश्वर झा
सिविल सर्जन, सारण