बेतिया – बगहा:– *19 जनवरी को रिलीज़ हुई, चम्पारण में बनी फिल्म शहीद –ऐ –आजम !*

न्यूज इनपुट विजय कुमार शर्मा बगहा प,च,बिहार:– 
• अपने चम्पारण के लाल अरुण पाठक के निर्देशन में, शहीद -ऐ –आजम फ़िल्म बगहा ध्रुव सिनेमा सहित बिहार के लगभग सभी सिनेमा घरो मे 19 जनवरी से लगातार जारी है !
बगहा:(प0च0) स्थानीय नगर के नारायणापुर, पटखौली स्थित ध्रुव सिनेमा घर मे 19 जनवरी को रिलीज़ हुई, चम्पारण में बनी फिल्म शहीद –ऐ –आजम बिहार के सभी सिनेमा घरो मे प्रदर्शित तो हुई लेकिन यह फ़िल्म बगहा के ध्रुव सिनेमा हाल मे प्रदर्शित नहीं हो पाई! कारण की यह फ़िल्म 19 जनवरी को सही समय पर डाउनलोड नहीं हो पाया वही 20 जनवरी शनिवार को प्रदर्शित हो पाया ! साथ ही फ़िल्म शुरू होने के दौरान ध्रुव सिनेमा घर मे फ़िल्म के निर्माता सहित इस फ़िल्म के सभी कलाकार उपस्थित थे !     हमारे संवादाता से ख़ास बातचीत करते हुए फिल्म निर्माता अरुण पाठक ने कहा की  देश के लिए हंसते-हंसते फांसी को गले लगाने वाले शहीद सरदार भगत सिंह को पहली बार ‘शहीद-ए-आजम’ की उपाधि देने वाले स्वतंत्रता सेनानी व उनके साथी पंडित कमलनाथ तिवारी के जीवन पर आधारित फिल्म ‘शहीद-ए-आजम’ का एक और प्रोमो रविवार 31 दिसम्बर को मुम्बई कार्निवाल सिनेमा, अंधेरी में रिलीज किया गया।
• भगत सिंह पर आधारित अब तक काफी फिल्में बन चुकी हैं इसमें क्या खास है?
भगत सिंह पर आधारित अब तक जितनी भी फिल्में बनी है वो सभी 1931 जब भगत सिंह की फांसी दी जाती है वहीं आकर खत्म हो जाती है लेकिन इस फिल्म में 1931 के बाद भी 1947 तक की पूरी क्रांति को दिखाया गया है। इस फिल्म में भगत सिंह के खिलाफ गवाही देने वाले गद्दार को भी दिखाया गया है जिसकी गवाही पर भगत सिंह को फाँसी हुई थी। और किस तरह उसकी जिंदगी का अंत किसके द्वारा हुआ वो भी दिखाया गया है
फ़िल्म में मुख्य भूमिकाओं में कलाकार कौन कौन हैं…?
इस फिल्म में सभी कलाकार नए हैं इसलिए किसी भी चेहरे की क्षमता का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल है। फ़िल्म देखने के बाद ही इन धुरंधरों की प्रतिभा दिखेगी। चुकी जब भगत सिंह जी को फाँसी दी गयी थी उस वक्त वो महज़ 22 साल के थे, ऐसे में 22 साल का कोई मशहूर कलाकार मौजूद नही था इंडस्ट्री में इस लिए नए लोगो को लेना पड़ा।