कैप पहन कोर्ट पहुंचे थानाध्यक्ष, जज ने लगाई फटकार 
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⏩शोकाज जवाब देने पहुंचे थे  थानाध्यक्ष
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 ⏩राजगीर थानाध्यक्ष को भी लगी क्लास 
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✍कुमुद रंजन सिंह की रिपोर्ट 
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⏩ बिहारशरीफ(नालंदा)
दो अलग-अलग मामलों में सारे व राजगीर थानाध्यक्ष को न्यायाधीश ने फटकार लगाई । मंगलवार को शाकाज का जवाब देने कोर्ट पहुंचे सारे थानाध्यक्ष राधेश्याम प्रसाद को उस वक्त फजीहत का सामना करना पड़ा जब न्यायाधीश की नजर उनके कैप पर पड़ी। किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्रण पुलिस मेनुअल पढ़ने की नसीहत दी। उन्होंने एक पखवारे पहले अवैध शराब बरामदगी मामले में पकड़े गए 8 वर्षीय किशोर को आरोपित कर  गिरफ्तारी को लेकर सारे थानाध्यक्ष से शोकाज की मांग की थी। उन्होंने किशोर न्याय परिषद से जुड़े सभी मामलों में तुरंत जांच कर अंतिम प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा। थानाध्यक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि समाज का कर्तव्य कि बच्चों को सुरक्षा व संरक्षण पर ध्यान दें। न कि उसे अपराध का बोध कराएं। इसके पहले एक मोबाइल मुक्ति से संबंधित दूसरे मामले में राजगीर थानाध्यक्ष उदयशंकर से शोकाज का जवाब देने कोर्ट पहुंचे थे। न्यायाधीश श्री मिश्रा ने जब उनसे विलंब का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि यह मामला हमारे कार्यकाल का नहीं है। बल्कि मेरे कार्यभार लेने से पहले का है। इतना सुनते ही न्यायाधीश आग बबूला हो गए और थानाध्यक्ष की जमकर डांट लगाई। उन्होंने कहा कि थाने से जुड़े हर मामले की जवाबदेही थानाध्यक्ष की होती है। इस तरह की गैर जिम्मेदाराना बयान से कोई भी थानाध्यक्ष बच नहीं सकता। हर पुराने और नए मामले जो थाने से जुड़े हैं उसकी पूरी जवाबदेही थानाध्यक्ष की होती है। भूल का एहसास होते ही थानाध्यक्ष उदयशंकर प्रसाद ने भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया इसके बाद न्यायाधीश ने उन्हें लंबित पड़े मामलों में जल्द से जल्द अंतिम प्रपत्र समर्पित करने को कहा। ताकि मामले का निष्पादन जल्द से जल्द हो सके। विदित हो की ढाई वर्ष पहले मोबाइल बरामद मामले में कोर्ट ने मुक्त करने संबंधी प्रतिवेदन की मांग की थी।  बार-बार प्रतिवेदन  भेजने के बाद भी संबंधित थानाध्यक्ष ने थवाब नहीं भेजा था । मंगलवार को राजगीर थानाध्यक्ष मोबाइल  मुक्त कर प्रतिवेदन के साथ पहुंचे थे।