
अमनौर विश्वप्रभा सामुदायिक भवन परिसर में सुरक्षित रखे एम्बुलेंस को पप्पू यादव ने किया था क्षतिग्रस्त
मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड द्वारा रोके जाने पर पूर्व सांसद पप्पू यादव के सुरक्षा कर्मियों द्वारा धक्का मुक्की कर हथियार का भय दिखा कर रंगदारी व जान से मारने की भी धमकी
अमनौर(सारण)। जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद पप्पू यादव द्वारा शुक्रवार को विश्वप्रभा समुदायिक केंद्र पर बिना अनुमति के पहुंच वहां सुरक्षित रखे गये सरकारी एम्बुलेंस को क्षतिग्रस्त करने व संचालक से फिरौती मागने व लॉकडाउन का उल्लंघन करने के मामले में पूर्व सांसद पप्पू यादव पर स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई.पप्पू यादव प्रकरण के बाद मामला हाईप्रोफाइल हो गया . इस मामले की सूचना पर मढौरा डीएसपी इन्द्रजीत बैठा, अमनौर थानाध्यक्ष सुजीत कुमार चौधरी पुलिस बल के साथ विश्वप्रभा सामुदायिक केंद्र पहुंच घटना का जायजा लिया.जहां मौके पर सुरक्षा गार्डों व अन्य लोगों से पुछताछ किया. वहीं क्षतिग्रस्त एम्बुलेंस का जायजा लिया. पंचायत एम्बुलेंस संचालक समन्वयक राजन सिंह द्वारा स्थानीय थाने में दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि शुक्रवार को जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद पप्पू यादव अपने चालीस पचास समर्थकों के साथ कोरोना संकट को लेकर सरकार द्वारा जारी लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के जबरन विश्वप्रभा सामुदायिक केंद्र के अंदर पहुंच परिसर में सुरक्षित रखे गए सांसद मद के सरकारी पंचायत एम्बुलेंस को क्षतिग्रस्त किया गया. मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड द्वारा रोके जाने पर पूर्व सांसद पप्पू यादव के सुरक्षा कर्मियों द्वारा धक्का मुक्की कर हथियार का भय दिखा कर रंगदारी व जान से मारने की धमकी दी गई. वहीं राजन सिंह के साथ भी पूर्व सांसद के सुरक्षा कर्मियों द्वारा धक्का मुक्की होने के कारण चोटे आने की बात कही गई है. मालूम हो कि शुक्रवार को जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद पप्पू यादव द्वारा विश्वप्रभा सामुदायिक केंद्र पर रखे गये दर्जनों एम्बुलेंस पर सवाल उठाते हुए सरकार व स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रूडी पर गंभीर आरोप लगाया था. कि कोरोना काल में एमपीएलएडीएस के तहत दर्जनों एम्बुलेंस यहां क्यू खड़ी है. यह जांच का विषय है. इस मामले में सिविल सर्जन पर मुकदमा चलने की बात कही थी. इधर पंचायत एम्बुलेंस संचालन समिति के लोगों ने बताया कि एमपीएलएडीएस के तहत एम्बुलेंस संचालन के लिए उप विकास आयुक्त,असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी,सारण सहित नौ सदस्यी कमिटी का गठन किया गया है. जो विभिन्न पंचायतों में एग्रीमेंट के आधार पर एम्बुलेंस का संचालन किया जाता है. आज भी पचास से एम्बुलेंस लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं में लगी है. कोरोना काल को देखते हुए कुछ पंचायतो द्वारा एम्बुलेंस चालक की कमी के कारण एम्बुलेंस लौटाई गयी थी. वहीं एम्बुलेंस वहां सुरक्षित खड़ी थी.





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