सुरक्षित मातृत्व के सपनों को साकार कर रही जननी सुरक्षा योजना
ロ संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने के लिए ロ महिलाओं को दी जा रही धनराशि
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है उद्देश्य

छपरा / 26 मार्च: संस्थागत प्रसव के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिले में जननी सुरक्षा योजना चलायी जा रही है. प्रसव के दौरान होने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए इस योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहन राशि देकर सरकारी अस्पतालों पर संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
आर्थिक प्रोत्साहन से संस्थागत प्रसव में इजाफ़ा: इस योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी दोनों प्रकार के गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर अलग-अलग प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है. जिसमें ग्रामीण इलाके की गर्भवती महिलाओं को 1400 रूपए एवं शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रूपए दिए जाते हैं. साथ ही इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालों पर संदर्भित करने के लिए आशाओं को भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है. जिसमें प्रति प्रसव ग्रामीण क्षेत्रों में 600 रुपये एवं शहरी क्षेत्रों के लिए प्रति प्रसव 400 रूपए आशाओं को दिए जाते हैं. इस योजना के तहत संस्थागत प्रसव पर आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ी है.
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के आँकड़ों के अनुसार जिले में कुल संस्थागत प्रसव 62.0 है. जिसमें सरकारी अस्पतालों पर 44.0प्रतिशत प्रसव हो रहे हैं. साथ ही इस योजना का असर पूरे राज्य में भी देखने को मिला है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-3 के अनुसार राज्य में कुल 19.9 प्रतिशत संस्थागत प्रसव था जो कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 में बढ़कर 63.8 प्रतिशत हो गया. ये आँकड़ें योजना के प्रति आम लोगों में बढ़ी हुई जागरूकता को भी दर्शाता है.
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में आई है कमी: जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रदान की जानी सुविधाओं के कारण प्रसव के दौरान होने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु में कमी आई है. प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं को रोकने के लिए संस्थागत प्रसव बहुत जरुरी है. इस योजना के कारण ग्रामीण परिवेश की गर्भवती महिलाएं गृह प्रसव की जगह संस्थागत प्रसव करा रही हैं एवं आशाओं के द्वारा उन्हें इसके फायदों के बारे में भी उचित जानकारी प्रदान की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपने प्रसव और शिशु के जन्म के लिए आशा के सहयोग से सरकारी अस्पतालों पर पंजीकरण कराना होता है. पंजीकृत महिलाओं को इस योजना का पूर्ण लाभ प्राप्त होता है.योजना से गर्भवती को लाभ: इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को प्रोत्साहन राशि के साथ उनके बेहतर प्रसव प्रबंधन का भी ख्याल रखा जाता है. जिसमें  सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव की निःशुल्क व्यवस्था निःशुल्क दवा की व्यवस्था
 गर्भवती को उनके घर से लाने एवं प्रसव के बाद अस्पताल से एम्बुलेंस द्वारा घर पहुँचाने की निःशुल्क व्यवस्था की सुविधाएं शामिल है.