सारण जिला के पथों की हुई समीक्षा : अनाधिकृत रूप से स्पीड ब्रेकर निर्माण पर होगी कानूनी कार्रवाई

 1 घंटे चली समीक्षा बैठक में पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, सांसद राजीव प्रताप रुडी, अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, जिलाधिकारी डॉ लोकेश के साथ वरीय अधिकारी थे शामिल

 पीडब्लूडी के पथों की निर्माण कार्यों के दौरान वृक्षों व पथों की कटाई पर होगी कार्रवाई

छपरा । सारण क्षेत्र के विकास को नया आयाम देने के लिए सांसद रुडी आधारभूत संरचानाओं के विकास पर जोर दे रहे है। इसी का नतीजा है कि जिले में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करने के लिए कई परियोजनाओं पर अमल के उदेश्य से राज्य के पथ निर्माण विभाग ने गुरुवार को एक विशेष वर्चुअल बैठक का आयोजन किया। एक घंटे चली बैठक में विभागीय मंत्री नितिन नबीन, सांसद राजीव प्रताप रुडी, विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा, पुल निर्माण निगम के एमडी, सारण के जिलाधिकारी डॉ॰ निलेश रामचंद्र देवरे, कार्यपालक अभियंता साधुशरण समेत आरसीडी (पथ निर्माण विभाग), पुल निगम, बिहार राज्य पथ निर्माण निगम, एनएच डिविजन बिहार, एनएचएआई के वरीय अधिकारी शामिल हुए। राष्ट्रीय व राजकीय एनएच के अधिकारियों के साथ संबंधित विभागों के अन्य वरीय अधिकारी सम्मिलित हुए।

दिघवारा के नये पुल से नारायणपुर, भेल्दी, अमनौर, तरैयां, पानापुर होकर दो हजार करोड़ की लागत से नये राष्ट्रीय उच्च पथ का होगा निर्माण, मिलेगा राम जानकी पथ में:

देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय ख्याती वाले श्रीराम सर्किट को जोड़ने वाले राम जानकी पथ से यह सड़क मशरक में मिलेगी जिसके कारण राम सर्किट का परिभ्रमण करने वाले पर्यटकों के लिए भी यह सड़क सुगमता प्रदान करेगी। विदित हो कि अयोध्या से जनकपुर जाने वाले इस पथ का निर्माण कार्य जारी है। सारण जिले के मशरक से गंडक नदी पर सत्तर घाट पुल होते हुए यह पथ मोतिहारी जिले के मेहसी में पहुंचेगी।

जेपी सेतु के समानांतर नये फोर लेन पुल का प्रस्ताव भारत सरकार के पास, अस्वीकृति की स्थिति में राज्य सरकार करेगी 2 हजार 6 सौ करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण:

जेपी सेतु के समानांतर फोर लेन पुल का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। यदि केंद्र सरकार से इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाती है तब राज्य सरकार अपने स्तर से 2 हजार करोड़ की लागत वाले इस पुल का निर्माण करेगी। अभी जेपी सेतु से व्यावसायिक वाहनों का परिचालन संभव नहीं हो पा रहा है। वह शहरी और छोटी गाड़ियों के लिए ही उचित है क्योंकि यह डबल डेकर पुल है है जिसपर रेलगाड़ी भी गुजरती है। इसलिए सड़क मार्ग से इसपर व्यावसायिक वाहन गुजारना पुल के आयु और रख-रखाव के मुद्दे नजर उचित नहीं होगा।

शेरपुर-दिघवारा एनएचएआई के पुल की लागत होगी पांच हजार छः सौ करोड़ रुपये :

इसी तरह जेपी सेतु के ही समानांतर पटना के दानापुर स्थित शेरपुर से सारण के दिघवारा को जोड़ने वाले गंगा नदी पर पटना और सारण के बीच यह तीसरा पुल होगा जो सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण होगा। पटना रिंग रोड का हिस्सा यह सिक्स लेन वाला पुल व्यवसाय, पर्यटन और अन्य मामलों में सारणवासियों के लिए वरदान साबित होगा।

5 करोड़ रूपये की लागत से मनचितवा और 4 करोड़ रूपये की लागत से गरखा बाजार में अंगेजों के समय के पुल का नवनिर्माण :

राजधानी पटना से होकर मनचितवा पुल से होते हुए सीवान, गोपालगंज और उत्तर प्रदेश की सीमा तक वाहनों का आवागमन होता है, परन्तु पुल की चौड़ाई कम होने के कारण यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। इस कारण यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी कठिनाई होती है। यही हाल गरखा बाजार में स्थित पुल का भी है। यह पुल भी संकीर्ण है जिस कारण निरंतर जाम लगा रहता है। अब 5 करोड़ रुपये की लागत से राज्य सरकार दोनों पुलों का करायेगी जिससे जाम की समस्या सदा के लिए समाप्त हो जायेगी।

मढ़ौरा, खैरा पथ के चौड़ीकरण का निर्णय :

इस पथ के चौड़ीकरण से छोटे छोटे उद्योगों और रेल कारखाना वाले मढ़ौरा क्षेत्र को, वहां उत्पादित कृषि जन्य उत्पादों और अन्य उत्पादों को सड़क मार्ग से परिवहन की सुविधा मिलेगी। जाम की समस्या समाप्त होगी और सुगम यातायात का मार्ग प्रशस्त होगा।

रिविलगंज बाईपास से जुड़ेगा मांझी फोर लेन, पथ के शेष भाग का भी होगा निर्माण:

मांझी से छपरा तक फोर लेन सड़क का निर्माण होगा। इस मुख्य पथ से छपरा बाईपास की कनेक्टिविटी को भी सुनिश्चित किया जायेगा जिसके लिए शेष लगभग डेढ़ किलोमीटर की सड़क का भी निर्माण कराया जायेगा।

परसा, गरखा, अमनौर के बाईपास का सीआरएफ अंतर्गत निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार ने भेजा भारत सरकार के पास:

अत्यंत घनी आबादी वाले क्षेत्र है परसा, गरखा और अमनौर। मुख्य पथ से पटना या अन्य शहरों में आने जाने के लिए अभी भीड़ भरे बाजार से होकर गुजरना पड़ता है। इससे हर दिन जाम की समस्या लगी रहती है। जाम की समस्या से न केवल यात्रियों को समस्या होती है बल्कि स्थानीय निवासियों को भी कठिनाई उठानी पड़ती है। अब इन तीनों स्थानों पर सवा तीन सौ करोड़ की लागत से बाईपास निर्माण के लिए राज्य सरकार ने भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव स्वीकृति पश्चात शीघ्र निर्माण संबंधी प्रक्रिया शुरू की जायेगी।

रेल चक्का कारखाना से नयागांव तक पथ का चौड़ीकरण के साथ होगा नवनिर्माण:

रेल चक्का कारखाना निर्माण के पश्चात पटना-छपरा मुख्य मार्ग से नयागांव का ढ़ाला पार करते हुए कारखाने तक सड़क कनेक्टिविटी तुरंत स्थापित की गई थी और कारखाना को चालू किया गया था। लेकिन, यह सड़क एक लेन का है जिसकी चौड़ाई बढ़ानी जरूरी है। इसकी चौड़ाई बढ़ाने की पहल की गई है और शीघ्र ही इसकी चौड़ाई बढ़ाते हुए नवनिर्माण किया जायेगा जिससे आवागमन और सुगम हो जायेगा।

पीडब्लूडी के पथों पर निर्माण कार्यों के दौरान वृक्षों व पथों की कटाई पर होगी कार्रवाई :

भवन निर्माण या अन्य कोई नवनिर्माण के दौरान यदि मार्ग को क्षतिग्रस्त किया जाता है या हरे-भरे वृक्ष काटे जाते है तो इसपर सरकार सख्त कदम उठायेगी और ऐसा करने से रोका जायेगा।

अनाधिकृत रूप से स्पीड ब्रेकर निर्माण पर होगी कानूनी कार्रवाई:

पथों के निर्माण के साथ या बाद में पथों के किनारे बसे हुए ग्रामीण जहां-तहां अनधिकृत रूप से स्पीड ब्रेकर का निर्माण कर देते है जिससे तेज चलने वाले वाहन या अन्य वाहनों की दुर्घटना ग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए अनधिकृत रूप से रोड ब्रेकर के निर्माण पर सरकार सख्त कदम उठायेगी और ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी।