⏭मोतिहारी जिला:-दूसरे पुरुष के फेर में कामांध पूजा ने पति रूपेश की हत्या करा दी।
⏭पूजा ने पति की हत्या के लिए दिए रुपये, बाद में दे दी सुहाग की निशानी भी।
⏭दैनिक खोज खबर:-मोतिहारी पहाड़पुर थानाक्षेत्र में शनिवार की रात गो¨वदगंज थानांतर्गत बलहा निवासी विनोद ठाकुर के पुत्र रूपेश ठाकुर और उनके भतीजा भैरव ठाकुर के पुत्र कमलेश कुमार ठाकुर की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि रूपेश की पत्नी पूजा ने ही अपने यार के साथ मिलकर करा दी। रूपेश के फुफेरे भाई विवेक ठाकुर के साथ अवैध संबंधों का ऐसा नशा पूजा पर चढ़ा कि जीवन को थोड़ा सुखी बनाने के फेर में उसने न सिर्फ अपने पति की जान ली बल्कि चचेरे देवर को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। पूजा की हैवानियत का अंदाजा बस इतनी सी बात से लगाया जा सकता है कि हत्यारे जब उसके पति व देवर की हत्या कर रहे थे तो वह फोन लाइन पर बनी हुई थी। उसने देर रात करीब ढाई बजे विवेक से बात कर कंफर्म किया कि क्या रूपेश की हत्या हो गई? हत्या व शव को ठिकाने लगाए जाने की जानकारी के बाद वह आराम से सो गई। सुबह जब पति व देवर के मौत की सूचना आई तो उसने परिवार के लोगों के साथ दुखी होने का नाटक किया और सास के साथ बैठकर रोने लगी। लेकिन, आखिर में जब इस हकीकत का खुलासा हुआ कि हत्या की पूरी साजिश पूजा ने की तो सबके होश उड़ गए। एक पल के लिए पुलिस को भी विश्वास नहीं हुआ। लेकिन, सबूत मिले तो पूजा को पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया।
⏭लंबी है पूजा की प्रेम कहानी:-पुलिस द्वारा की गई पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है कि पूजा की प्रेम कहानी काफी लंबी है। इससे पहले भी उसके रिश्ते रहे। इस बीच अब से दो साल पहले उसकी शादी रूपेश के साथ हुई। शादी कर जब वह अपने ससुराल आई तो गरीबी का साया देख वह रूपेश के फुफेरे भाई विवेक के संपर्क में आई। अपने पति के इस भाई से वह बराबर अपनी परेशनियों को साझा करती रही। फिर दोनों के बीच रिश्ते प्रगाढ़ हो गए। अंत में पूजा ने अपनी मां अंगूरलता व विवेक के साथ मिलकर हत्या की साजिश की, जिसे शनिवार की रात अमली जामा पहना दिया।
⏭पूर्व की साजिश हो गई थी विफल, बच गया था रूपेश:-पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दूसरे पुरुष के फेर में कामांध पूजा ने पति रूपेश की हत्या की साजिश पहले भी की थी। परंतु, उस बार सफलता नहीं मिली और रूपेश की जान बच गई। चार महीने पहले रूपेश को नौकरी के नाम पर विवेक ने मुजफ्फरपुर बुलाया था। इसके लिए वह मोतिहारी आया भी था। लेकिन, उसके एक दोस्त ने उसे रोक दिया था।
⏭पहले जताया विश्वास, फिर पिलाई शराब, नशे में चूर होने के बाद कर दी हत्या:-रूपेश व कमलेश की हत्या की साजिश में लगे उसके अपने फुफेरे भाई व अन्य परिचित लोगों ने पहले दोनों को विश्वास में लिया। जब विश्वास हो गया तो दोनों को शराब पिलाई गई। दोनों भाई जब नशे में चूर हो गए तो उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस पड़ताल में यह बात सामने आई है कि पहाड़पुर थाना के पकड़िया चौक पर शराब पिलाई गई थी। फिर लौकाहां में आलोक तिवारी के यहां भोजन कराया गया। इस दौरान दोनों भाईयों को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर मौत के घाट उतार दिया गया।
⏭पति की हत्या के लिए दिए रुपये, बाद में दे दी सुहाग की निशानी भी:-पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि रूपेश की पत्नी किसी भी कीमत पर रूपेश से निजात पाना चाहती थी। इसके लिए पहले उसने विवेक को रुपये दिए। फिर बाद में शादी के वक्त सुहाग की निशानी के तौर पर मिले आभूषण को भी बेचकर विवेक को रुपये दिए। अंत में सारे आभूषण देकर पति की हत्या करा दी। बताते हैं कि तीन हजार रुपये नकद पूजा ने हत्या के पहले दिए थे।
⏭हत्या में शामिल थे पेशेवर अपराधी:-पूछताछ के दौरान यह तथ्य भी सामन आया है कि हत्या को अंजाम देने में करीब सात लोग शामिल थे। उनमें से चार कांट्रैक्ट किलर थे, जिनका पेशा ही अपराध करना है। भाड़े के अपराधियों में शामिल पश्चिम चम्पारण के मझौलिया निवासी रंजीत कुमार व शहर के खुदानगर व मजुराहां के बदमाशों की खोज में पुलिस लगी है।
⏭फरार रंजीत व गिरफ्तार आलोक पर हैं कई मामले:-पुलिस अधीक्षक ने साफ किया कि गिरफ्तार आलोक व फरार रंजीत पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज है। उनमें हत्या, लूट, शस्त्र अधिनियम व बम विस्फोट का मामला प्रमुख है। दोनों हाल हीं में जमानत पर छूटे थे। इसी बीच मौका पाकर इस घटना को अंजाम दे दिया।
⏭शादी की तैयारी में लगे थे विवेक व पूजा:-पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि विवेक रूपेश की हत्या में इस कारण से शामिल हुआ क्योंकि वह उससे शादी करना चाहता था। पूजा भी तैयार थी और उसकी मां ने भी हामी भर दी थी।
⏭रूपेश का सेल फोन मिला उसके ससुराल में:-वैज्ञानिक अनुसंधान के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि हत्या से लेकर शव को ठिकाने लगाने तक पूजा लगातार बात करती रही है। रूपेश के ससुराल में ही उसके सेलफोन व टूटा हुआ सिमकार्ड पॉलीथिन में रखकर शौच से ढंककर रखा गया था। सिमकार्ड और सेल फोन की जांच की जा रही है।
⏭छापेमारी में शामिल पुलिस अधिकारी होंगे पुरस्कृत:-पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र राणा ने बताया है कि छापेमारी टीम में शामिल अरेराज के डीएसपी नुरूल हक, पुलिस निरीक्षक अरविन्द मिश्रा, पहाड़पुर थानाध्यक्ष सीबी शुक्ला, मलाही सूरज कुमार, राजू कुमार व गोविन्दगंज थाना के दरोगा अश्विनी तिवारी को पुरस्कृत किया जाएगा।
⏭ऐसी हो जाएगी पत्नी, किसी ने सोचा न था पहाड़पुर, संवाददाता : थानाक्षेत्र के पंडितपुर के बरवा पुल के पास शनिवार की रात हुई बलहा निवासी रूपेश ठाकुर व कमलेश कुमार ठाकुर की नृशंस हत्या ने एक साथ कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों के बीच इस बात की चर्चा सोमवार को दिनभर रही कि ऐसी भी पत्नी होती है कोई सोच नहीं सकता। इस पूजा ने तो अपने नाम का भी भरम नहीं रखा। ⏭न्यूज स्रोत से ख़बर पढें…..




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