मूर्ति स्थापना को लेकर बूंदी में बवाल, बाजार में तोड़फोड़,धारा 144 लागू 

भूरे खां
बूंदी 29 अप्रैल। बूंदी की टाइगर हिल पर मूर्ति लगाने के मामले ने शनिवार को तूल पकड़ लिया। बड़ी संख्या में जमा लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। शहर के खाईलैंड बाजार की आधा दर्जन दुकानों में तोडफ़ोड़ कर दी। समुदाय विशेष के लोगों के साथ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ शांति समिति से जुड़े लोगों ने भी समझाइश की, लेकिन वे मूर्ति को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
इधर, खाईलैंड बाजार में की तोडफ़ोड़ के बाद अन्य बाजारों में भी दहशत का माहौल हो गया। हालात बेकाबू होते देख बूंदी जिला प्रशासन ने कोटा से आरएसी की टुकड़ी और पुलिस बल भी बुला लिया है। हालांकि पूरा प्रशासन मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश में जुटा हुआ है। 
जानकारी के अनुसार विश्व हिंदू परिषद ने वन विभाग से मूर्ति लगाने की मांग की थी। परिषद नेताओं का कहना था कि टाइगर हिल के जीर्णोद्धार के दौरान छतरी को क्षतिग्रस्त कर दिया और मूर्ति को हटा दिया गया। इस पर वन विभाग ने छतरी को सही कर मूर्ति को स्थापित कर दिया। इसका समुदाय विशेष के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। उनका तर्क है कि यहां कोई मूर्ति नहीं थी। इसे जानबूझकर रखा गया है।
विवाद बेवजह 
बूंदी के दौरे पर आए मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि मूर्ति स्थापना को लेकर बेवजह का विवाद खड़ा किया जा रहा है। यहां पहले से मूर्ति स्थापित थी, जिसे वन विभाग ने किसी कार्यवश हटवाया था। वन विभाग ने ही उसे दोबारा रखवा दिया। इसलिए धर्मविशेष के लोगों का विरोध गलत है। हम चाहते हैं कि लोग इस बात को समझें और पहले जैसा ही सौहार्द बना रहे।