Category Archives: ●अध्यात्म

​गायत्री शक्तिपीठ ,मधेपुरा,बिहार में सामूहिक करवाचौथ पूजन का भव्य कार्यक्रम हुआ सम्पन्न

​🔴गायत्री शक्तिपीठ ,मधेपुरा,बिहार में सामूहिक करवाचौथ पूजन का भव्य कार्यक्रम हुआ सम्पन्न 🔴

👈कुंज बिहारी शास्त्री” दैनिक खोज खबर “जिला संवाददाता, मधेपुरा 👉

सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु  जीवन के लिए करवा चौथ का व्रत  रखी। जिसमें सुहागिन बहनों ने निराहार रह कर दिन भर की उपवास किया तथा चंद्रमा दर्शन के पश्चात जल पीकर व्रत की पूर्णाहुति दी।धर्मतंत्र से लोकशिक्षण तथा संगतिकरण के उद्देश्य से यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है ।गायत्री  शक्तिपीठ मधेपुरा में धूमधाम से इस आयोजन को गायत्री परिजनों ने सैकड़ो की संख्या में सुहागिन उपस्थिति  में आयोजित हुई .।  व्यासमंच से चैतन्य कुमार वर्मा ने पूजन ,कथावाचन किया ।श्री वर्मा ने कथावाचन के दौरान सुहागिन बहनों को शुभाशीष देते हुए कहा कि धर्म की मर्यादा मां बहनों ने संजो कर रखी है। भारतीय संस्कृति का अलख जगाने में बहनों की महत्वपूर्ण योगदान रही है। सती अनुसूया ,सती सावित्री जैसे मां का त्याग और पतिव्रत की साधना एक मिसाल है ।अतः पति के पद चिन्हों को सुरक्षित रखते हुए हमेशा अच्छे कार्य करते रहना चाहिए ।परम पूज्य गुरुदेव श्री राम शर्मा आचार्य ने 21वीं सदी सबल स्त्रियों की शादी की घोषणा की है ।21वीं सदी नारियों की सदी के नाम से संबोधित किया है ।सुहागिनों ने कार्यक्रम को सराहा दूसरों को भी  लाने का संकल्प लेते हुये गायत्री मन्दिर में भी खुलकर दान करने का भी संकल्प लिया ।किरण बाला , नीलम कुमारी , अनिता गुप्ता ,ममता देवी ,कविता कुमारी ,संगीत देवी इत्यादि ने खुद पूजन करते हुए अन्य परिजनों को भी प्रेरित कर पूजन में ले गई । श्री रमेशचन्द्र भगत रमन ,मुख्य ट्रस्टी  ,अयोध्याशरण , ज़िला संयोजक आदि ने भी बहनों का संबोधन किया . इस मौके पर वीरेंद्र यादव ,इंद्रदेव स्वर्णकार , भवेशानन्द भारती ,दयानन्द यादव शिवकुमार जी इत्यादि परिजनों ने सक्रिय भागीदारी दी ।

​🔴राशिफल: रविवार, भाद्रपद कृष्णपक्ष का षष्ठी तिथि, विक्रम संवत 2074 तदनुसार 13 अगस्त ईस्वी सन् 2017

🌸आज का राशिफल🌸


☀मेष :- घर के बड़े-बुजुर्गों का अच्छा स्नेह प्राप्त होगा। काम काज स्थिर रहेगा। परिवार में किसी का स्वास्थ खराब रहेगा। कोई अप्रिय घटना घटित होगी।

☀वृषभ :- आपको हर कार्य में सफलता मिलेगी। पारिवारिक सुख अच्छा मिलेगा। किसी प्रकार की अनहोनी घटना घटित हो सकती है। स्वास्थ्य के प्रति या किसी दुर्घटना के प्रति सचेत रहें।

☀मिथुन :- मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। किसी से विवाद हो सकता है। क्रोध बढ़ेगा। घर में भी तनावपूर्ण वातावरण देखने को मिलेगा।

☀कर्क :- आज नवीन कार्य करने की सोच सकते है। स्वभाव में गंभीरता के साथ-साथ तनाव भी देखने को मिलेगा। घर-परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कते हो सकती है।

☀सिंह :- आप अपनी इच्छा अनुसार कार्य करेंगे। परिवार में किसी से अनबन हो सकती है। मानसिक तनाव एवं चिंताए बढ़ सकती है। आय से अधिक खर्चे होंगे।

☀कन्या :- आज मन प्रसन्न रहेगा। आपके द्वारा बनाई गई योजनाएं सफल होंगी। शरीर में चुस्ती-फूर्ति बनी रहेगी। परिवार का भरपूर सहयोग मिलेगा।

☀तुला :- किसी अपरिचित से अच्छी मित्रता हो सकती है। बेवजह किसी से विवाद तथा किसी कारण मिथ्या आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। मानसिक तनाव बढ़ेगा। संगति भी खराब हो सकती है।

☀वृश्चिक :- पारिवारिक समारोह में शामिल हो सकते है। शरीर में आलस्य बढ़ेगा। पढ़ाई-लिखाई में मन नहीं लगेगा। परिवार में किसी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित होंगे।

☀धनु :- कामकाज में परिश्रम के अनुसार सफलता मिलेगी। पारिवारिक सुख उत्तम बना रहेगा। प्रत्येक कार्य को समझदारी के साथ पूर्ण करेंगे। मन में किसी न किसी बात को लेकर सोच-विचार चलता ही रहेगा।

☀मकर :- आज धार्मिक कार्य में भाग लेने के कारण मानसिक शांति मिलने की संभावना है। परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। कामकाज में बरकत होगी।

👉कुंभ :- काम के प्रति सचेत रहेंगे। शारीरिक थकावट का एहसास होगा। धन को लेकर चिंताएं बन सकती है। नशे की ओर झुकाव रहेगा।

☀मीन :- आप परिश्रम के आधारपर कार्यक्षेत्र में सफलता अर्जित करेंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा। किसी प्रकार की विपरीत घटना आपके लिए समस्या खड़ी कर सकती है। धन को लेकर चिंताएं बनी रहेंगी।
🌺आपका सुखद भविष्य मेरा लक्ष्य 🌺
  ‘जय श्री कृष्ण       

                     जय श्री राधे ”


✍नन्द किशोर कौशल (पानीपत)

(ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्शदाता)

☎08168038822

​🔴राशिफल: गुरुवार, भाद्रपद कृष्णपक्ष का तृतीया तिथि, विक्रम संवत 2074 तदनुसार 10  अगस्त ईस्वी सन् 2017

✍DKK मीडिया 


👉मेष :- आज कामकाज में नया करने की योजना बन सकती है। शुभफलों की प्रधानता रहेगी। आप किसी गलत कार्य वजह से अपने लिए परेशानी खड़ी कर सकते है। सावधानी बरतें बेवजह किसी काम को न करें।

👉वृषभ :- आपके लिए सुखद समाचारों की प्रधानता बनी रहेगी। पढ़ाई के प्रति रूचि बनी रहेगी। धन का अपव्यय होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

👉मिथुन :- कामकाज में बरकत होगी। प्रत्येक कार्य में आप अपनी योग्यता और बुद्धिमता का प्रयोग करेंगे। परिवार का सुख मिलेगा। किसी से मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं। फालतू के विवाद में ना पड़े।

👉कर्क :- आज मित्रों के साथ समय व्यतीत करेंगे। ईश्वर में आस्था बढ़ेगी। शिक्षा एवं प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वाहन के प्रति सावधानी बरतें।

👉सिंह :- आज के दिन आपके ऊपर बिना कारण किसी प्रकार का आरोप लग सकता है। परिवार या मित्र से मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं। स्वभाव में गुस्से की अधिकता रहेगी। गुस्से पर नियंत्रण रखें।

👉कन्या :- आज परिवार का अच्छा सुख मिलेगा। प्रत्येक क्षेत्र में अच्छी सफलता प्राप्त होगी। मन में नया उत्साह और जोश देखने को मिलेगा।

👉तुला :- आपका परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। कामकाज में आपको दिक्कतों का सामना करना पडे़गा। शरीर में आलस्य बढ़ेगा। वाद-विवाद से बचें। स्वास्थ्य खराबी हो सकती है।

👉वृश्चिक :- आपको स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है। शरीर में आलस बना रहेगा। अप्रिय घटना हो सकती है। परिवार में किसी से विवाद हो सकता है।

👉धनु :- आज भाग्य का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। ईश्वर की आराधना करने से आपको मानसिक शांति की प्राप्ति होगी। अपनी योग्यता और बुद्धिमता के आधार पर किसी भी काम में सफलता हासिल करेंगे। धन का लाभ होगा।

👉मकर :- आपको कोई भी काम पूरा करने में कठिनाई आएंगी। आज के दिन आपके स्वभाव में गंभीरता बनी रहेगी। मन विचल रहेगा। घर-परिवार में या मित्रों के साथ बेवजह मन-मुटाव हो सकता है।

👉कुंभ :- आज आपको घर में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। काम काज में मन नही लगेगा। स्वास्थ्य में दिक्कते आ सकती है। रूपए-पैसे की चिंताएं बढ़ेंगी।

👉मीन :- आज यात्रा होगी। मन प्रसन्न रहेगा। काम-काज में धन लाभ होगा। नवीन कार्य के प्रति रूचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी बेवजह के विवाद में ना पड़े।
🌸आपका सुखद भविष्य मेरा लक्ष्य 🌸
  “जय श्री कृष्ण –  जय श्री राधे ”

✍नन्द किशोर कौशल (पानीपत)
(ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्शदाता)

☎08168038822

♨आज का राशिफल : मंगलवार, भाद्रपद कृष्णपक्ष का एकम,विक्रम संवत 2074 तदनुसार 08 अगस्त ईस्वी सन् 2017

✍DKK MEDIA


🌸आज का राशिफल🌸

👉मेष :- कार्य के प्रति उत्साह एवं जोश बना रहेगा। जो भी कार्य होगा उसमें सफलता मिलेगी। किसी प्रकार की अनहोनी घटना घटित हो सकती है।
👉वृषभ :- कोई शुभ समाचार मिल सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। बेवजह किसी से विवाद होंगे। मिथ्या आरोप लग सकते है।
👉मिथुन :- कामकाज में धन-लाभ होगा। घर-परिवार में कोई शुभ कार्य घटित हो सकता है जिसके कारण मन प्रसन्न रहेगा।
👉कर्क :- कामकाज अच्छा बना रहेगा। विपरीत स्थिति में भी मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।
👉सिंह :- आज आपका दूसरों पर पडने वाला प्रभाव अच्छा बना रहेगा। परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। कामकाज में सहकर्मियों के साथ तालमेल अच्छा बना रहेगा।
👉कन्या :- घर के बड़े-बुजुर्गों का सुख मिलेगा। बेवजह किसी से वाद-विवाद परेशानी उत्पन्न कर सकता है। आपको या परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते हो सकती है।


👉तुला :- परिवार का अच्छा साथ प्राप्त होगा। धार्मिक कार्य की तरफ आकर्शण बढ़ेगा। मन प्रसन्न रहेगा।
👉वृश्चिक :- कामकाज में सफलता मिलेगी। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। धार्मिक कार्य की तरफ आकर्शण बढ़ेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।
👉धनु :- यात्राएं हो सकती है। परिश्रम के अनुसार सफलता मिलेगी। मन प्रसन्न बना रहेगा। परिवार में किसी से विवाद होने की संभावना है।
👉मकर :- किसी मांगलिक आयोजन में सहभागी होने का मौका मिल सकता है। नवीन लोगों के साथ मित्रता होगी। घर में किसी को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते हो सकती है। धन खर्च हो सकता है।
👉कुंभ :- आज शरीर में जोश देखने को मिलेगा। प्रत्येक कार्य को आप आसानी से करेंगे। पारिवारिक सुख अच्छा मिलेगा।
👉मीन :- परिवार की तरफ से संभव सहायता मिलती रहेगी। आप अपनी जिम्मेदारियां अच्छे से निभाने में सफल होंगे। आप जो भी कार्य करेंगे उसमें सफलता मिलेगी।

🌺आपका सुखद भविष्य मेरा लक्ष्य 🌺

  ” जय श्री कृष्ण-जय श्री राधे ”


✍नन्द किशोर कौशल (पानीपत)
☎08168038822

(ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्शदाता)

​🌹राशिफल: बुधवार, भाद्रपद कृष्णपक्ष का द्वितीय तिथि, विक्रम संवत 2074 तदनुसार 9 अगस्त ईस्वी सन्  2017 

✍DKK मीडिया 


 🌹मेष (Aries):गणेशजी के अनुसार आपका आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अनोखी अनुभूति कराने वाला साबित होगा। गूढ़ और रहस्यमय विद्याएं सीखने में विशेष रुचि लेंगे। आध्यात्मिक सिद्धियां मिलने का योग है। नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ समय नहीं है।

 🌹वृषभ (Taurus): आज आपको दांपत्यजीवन का विशेष आनंद मिलेगा। आप परिवार के साथ किसी सामाजिक स्थान पर घूमने अथवा लघु प्रवास पर जाकर आनंद में दिन व्यतीत करेंगे, ऐसा गणेशजी बताते हैं। स्नेहीजनों और मित्रों के साथ उत्तम भोजन करने का अवसर आएगा।

 🌹मिथुन (Gemini): कार्य सफलता, यश एवं कीर्ति प्राप्त करने के लिए आज का दिन शुभ है। घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहेगें। आर्थिक लाभ की संभावनाएं हैं।

 🌹कर्क (Cancer): आज का दिन शांत रहकर गुजारें। शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता आपको बेचैन बनाएगी। आकस्मिक खर्च होगा। प्रेमीजनों के बीच वाद-विवाद के कारण मनमुटाव होंगे। विपरीत लिंगीय व्यक्ति के प्रति आकर्षण आपके लिए संकट खड़ा कर सकता है।

 🌹सिंह (Leo): आज परिवार में मनमुटाव का वातावरण रहेगा। कुटुंबीजनों के साथ मनमुटाव के अवसर आएंगे। मां का स्वास्थ्य खराब होगा। मन में नकारात्मक विचार आने से उदासी अनुभव करेगें। जमीन, मकान, वाहन आदि के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दिन अच्छा नहीं है।


 🌹कन्या (Virgo): शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य बना रहेगा। साथ ही आप प्रेमपूर्ण सम्बंधों से द्रवीभूत होंगे। भाई-बहनों के साथ अच्छी तरह समय व्यतीत होगा और उनके द्वारा लाभ भी मिलेगा। प्रतिस्पर्धियों की चाल निष्फल रहेगी।

 🌹तुला (Libra): आज के दिन आपकी मानसिक स्थिति दुविधापूर्ण रहेगी। जिससे महत्त्वपूर्ण निर्णय न लेने की गणेशजी सलाह देते हैं। नए कार्य का प्रारंभ न करें। वाणी पर संयम रखने से परिजनों के साथ वाद-विवाद नहीं होगा।

 🌹वृश्चिक (Scorpio): परिजनों के साथ आज का दिन आमोद-प्रमोद में व्यतीत होगा। शारीरिक और मानसिक प्रसन्नता रहेगी। प्रिय व्यक्तियों के साथ मुलाकात सफल और आनंददायक रहेगी। कोई शुभ समाचार मिलेगा। मित्रों तथा स्नेहीजनों की तरफ से उपहार मिलने से आनंद अनुभव करेंगे।

 🌹धनु (Sagittarius): पारिवारिक सदस्यों के साथ मनमुटाव होगा। स्वभाव में क्रोध और आवेश रहेगा। जिससे किसी के साथ उग्र तकरार का अवसर आ सकता है। स्वास्थ्य खराब होगा। वाणी और व्यवहार में संयम रखने की गणेशजी सलाह देते हैं। दुर्घटना से बचें।

 🌹मकर (Capricorn): आपके घर में किसी शुभ प्रसंग के आयोजन की संभावना है। किसी वस्तु की खरीदारी के लिए आज शुभ दिन है। शेयर-सट्टा की प्रवृत्तियों में धन-लाभ होगा। मित्रों, सम्बंधियों के साथ की मुलाकात आनंदित करेगी।

 🌹कुंभ (Aquarius): आपके सभी काम सरलता से सम्पन्न होते हुए प्रतीत होंगे। नौकरी-व्यवसाय के क्षेत्र में परिस्थिति अनुकूल रहेगी। आप मानसिक रूप से राहत महसूस करेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा।

 🌹मीन (Pisces): आज आप तन-मन से थकान तथा बेचैनी का अनुभव करेंगे। संतान की समस्या आपको चिंतित करेगी। नौकरी में उच्च पदाधिकारियों के साथ वाद-विवाद होने से उनकी नाराजगी झेलनी पड़ेगी।
🌺आपका सुखद भविष्य मेरा लक्ष्य🌺
  “जय श्री कृष्ण –  जय श्री राधे ”


✍नन्द किशोर कौशल (पानीपत)

☎08168038822

(ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्शदाता)

​♨आज का राशिफल : मंगलवार, भाद्रपद कृष्णपक्ष का एकम,विक्रम संवत 2074 तदनुसार 08 अगस्त ईस्वी सन् 2017 

DKK  मीडिया 


🌸आज का राशिफल🌸
👉मेष :- कार्य के प्रति उत्साह एवं जोश बना रहेगा। जो भी कार्य होगा उसमें सफलता मिलेगी। किसी प्रकार की अनहोनी घटना घटित हो सकती है।

👉वृषभ :- कोई शुभ समाचार मिल सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। बेवजह किसी से विवाद होंगे। मिथ्या आरोप लग सकते है।

👉मिथुन :- कामकाज में धन-लाभ होगा। घर-परिवार में कोई शुभ कार्य घटित हो सकता है जिसके कारण मन प्रसन्न रहेगा।

👉कर्क :- कामकाज अच्छा बना रहेगा। विपरीत स्थिति में भी मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।

👉सिंह :- आज आपका दूसरों पर पडने वाला प्रभाव अच्छा बना रहेगा। परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। कामकाज में सहकर्मियों के साथ तालमेल अच्छा बना रहेगा।

👉कन्या :- घर के बड़े-बुजुर्गों का सुख मिलेगा। बेवजह किसी से वाद-विवाद परेशानी उत्पन्न कर सकता है। आपको या परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते हो सकती है।

👉तुला :- परिवार का अच्छा साथ प्राप्त होगा। धार्मिक कार्य की तरफ आकर्शण बढ़ेगा। मन प्रसन्न रहेगा।

👉वृश्चिक :- कामकाज में सफलता मिलेगी। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। धार्मिक कार्य की तरफ आकर्शण बढ़ेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।

👉धनु :- यात्राएं हो सकती है। परिश्रम के अनुसार सफलता मिलेगी। मन प्रसन्न बना रहेगा। परिवार में किसी से विवाद होने की संभावना है।

👉मकर :- किसी मांगलिक आयोजन में सहभागी होने का मौका मिल सकता है। नवीन लोगों के साथ मित्रता होगी। घर में किसी को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते हो सकती है। धन खर्च हो सकता है।

👉कुंभ :- आज शरीर में जोश देखने को मिलेगा। प्रत्येक कार्य को आप आसानी से करेंगे। पारिवारिक सुख अच्छा मिलेगा।

👉मीन :- परिवार की तरफ से संभव सहायता मिलती रहेगी। आप अपनी जिम्मेदारियां अच्छे से निभाने में सफल होंगे। आप जो भी कार्य करेंगे उसमें सफलता मिलेगी।
🌺आपका सुखद भविष्य मेरा लक्ष्य 🌺
  ” जय श्री कृष्ण-जय श्री राधे ”


✍नन्द किशोर कौशल (पानीपत)

☎08168038822
(ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्शदाता)

रक्षा बंधन का त्यौहार:भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित

👉रक्षा बंधन का त्यौहार,सदियों पुरानी परंपरा

संजय कुमार सुमन

वरीय उप सम्पादक@दैनिक खोज खबर 

रक्षा बंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। उत्तरी भारत में यह त्यौहार भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित है और इस त्यौहार का प्रचलन सदियों पुराना बताया गया है। इस दिन बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए अपना स्नेहाभाव दर्शाते हैं। रक्षाबंधन पर आप राखी बांधते हैं, जिसे हम दोस्ती का धागा भी कहते हैं। यह नाम तो अंग्रेज़ी में अभी रखा गया है, लेकिन रक्षा बंधन तो पहले से ही था। ये एक रक्षा का रिश्ता है, जहाँ बहन भाई की रक्षा करती है।

 

rakhi

इसलिए, रक्षा बंधन ऐसा त्यौहार है, जहाँ सारी बहनें जाती हैं और अपने भाइयों को राखी बांधती हैं और कहती हैं “मैं तुम्हारी रक्षा करूंगी और तुम मेरी रक्षा करो।” और ये कोई ज़रूरी नहीं है कि वे उनके अपने सगे भाई ही हों बल्कि, वे तो सभी को राखी बांधती हैं, और सभी उनके भाई बन जाते हैं ।तो ये प्रथा इस देश में काफी प्रचलित है और ये श्रावण पूर्णिमा का बहुत बड़ा त्यौहार है। आज ही के दिन यज्ञोपवीत बदला जाता है।वर्तमान में यह त्यौहार बहन-भाई के प्यार का पर्याय बन चुका है, कहा जा सकता है कि यह भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और गहरा करने वाला पर्व है। एक ओर जहां भाई-बहन के प्रति अपने दायित्व निभाने का वचन बहन को देता है, तो दूसरी ओर बहन भी भाई की लंबी उम्र के लिये उपवास रखती है। इस दिन भाई की कलाई पर जो राखी बहन बांधती है वह सिर्फ रेशम की डोर या धागा मात्र नहीं होती बल्कि वह बहन-भाई के अटूट और पवित्र प्रेम का बंधन और रक्षा पोटली जैसी शक्ति भी उस साधारण से नजर आने वाले धागे में निहित होती है।

रक्षाबंधन पर राखी बांधने की हमारी सदियों पुरानी परंपरा रही है। प्रत्येक पूर्णिमा किसी न किसी उत्सव के लिए समर्पित है। सबसे महत्वपूर्ण है कि आप जीवन का उत्सव मनाये। सभी भाईयों और बहनों को एक दूसरे के प्रति प्रेम और कर्तव्य का पालन और रक्षा का दायित्व लेते हुए ढेर सारी शुभकामना के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाना चाहिए।क्या आप जानते हैं  कि रक्षाबंधन का इतिहास काफी पुराना है, जो सिंधु घाटी की सभ्यता से जुड़ा हुआ है।  असल में रक्षाबंधन की परंपरा उन बहनों ने डाली थी जो सगी नहीं थीं, भले ही उन बहनों ने अपने संरक्षण के लिए ही इस पर्व की शुरुआत क्यों न की हो, लेकिन उसकी बदौलत आज भी इस त्योहार की मान्यता बरकरार है।

Image result for रक्षाबंधन का इतिहास

इतिहास के पन्नों को देखें तो इस त्योहार की शुरुआत 6 हजार साल पहले माना जाता है। इसके कई साक्ष्य भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं।यदि इसकी शुरुआत के बारे में देखें तो यह भाई-बहन का त्यौहार नहीं बल्कि विजय प्राप्ति के किया गया रक्षा बंधन है। भविष्य पुराण के अनुसार जो कथा मिलती है वह इस प्रकार है।

बहुत समय पहले की बाद है देवताओं और असुरों में युद्ध छिड़ा हुआ था लगातार 12 साल तक युद्ध चलता रहा और अंतत: असुरों ने देवताओं पर विजय प्राप्त कर देवराज इंद्र के सिंहासन सहित तीनों लोकों को जीत लिया। इसके बाद इंद्र देवताओं के गुरु, ग्रह बृहस्पति के पास के गये और सलाह मांगी। बृहस्पति ने इन्हें मंत्रोच्चारण के साथ रक्षा विधान करने को कहा। श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन गुरू बृहस्पति ने रक्षा विधान संस्कार आरंभ किया। इस रक्षा विधान के दौरान मंत्रोच्चारण से रक्षा पोटली को मजबूत किया गया। पूजा के बाद इस पोटली को देवराज इंद्र की पत्नी शचि जिन्हें इंद्राणी भी कहा जाता है ने इस रक्षा पोटली के देवराज इंद्र के दाहिने हाथ पर बांधा। इसकी ताकत से ही देवराज इंद्र असुरों को हराने और अपना खोया राज्य वापस पाने में कामयाब हुए।

Image result for रक्षाबंधन का इतिहास

रक्षा बंधन का उल्लेख हमारी पौराणिक कथाओं व महाभारत में मिलता है और इसके अतिरिक्त इसकी ऐतिहासिक व साहित्यिक महत्ता भी उल्लेखनीय है।महाभारत काल में द्रौपदी द्वारा श्री कृष्ण को तथा कुन्ती द्वारा अभिमन्यु को राखी बांधने के वृत्तांत मिलते हैं।महाभारत में ही रक्षाबंधन से संबंधित कृष्ण और द्रौपदी का एक और वृत्तांत मिलता है। जब कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया तब उनकी तर्जनी में चोट आ गई। द्रौपदी ने उस समय अपनी साड़ी फाड़कर उनकी उँगली पर पट्टी बाँध दी। यह श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था। श्रीकृष्ण ने बाद में द्रौपदी के चीर-हरण के समय उनकी लाज बचाकर भाई का धर्म निभाया था।राजपूत जब लड़ाई पर जाते थे तब महिलाएं उनको माथे पर कुमकुम तिलक लगाने के साथ-साथ हाथ में रेशमी धागा भी बाँधती थी। इस विश्वास के साथ कि यह धागा उन्हें विजयश्री के साथ वापस ले आएगा।

Image result for रक्षाबंधन का इतिहास

 रक्षा बंधन का ऐतिहासिक प्रसंग

राखी के साथ एक और ऐतिहासिक प्रसंग जुड़ा हुआ है। मुग़ल काल के दौर में जब मुग़ल बादशाह हुमायूँ चितौड़ पर आक्रमण करने बढ़ा तो राणा सांगा की विधवा कर्मवती ने हुमायूँ को राखी भेजकर रक्षा वचन ले लिया। हुमायूँ ने इसे स्वीकार करके चितौड़ पर आक्रमण का ख़्याल दिल से निकाल दिया और कालांतर में मुसलमान होते हुए भी राखी की लाज निभाने के लिए चितौड़ की रक्षा हेतु बहादुरशाह के विरूद्ध मेवाड़ की ओर से लड़ते हुए कर्मवती और मेवाड़ राज्य की रक्षा की।

सुभद्राकुमारी चौहान ने शायद इसी का उल्लेख अपनी कविता, ‘राखी’ में किया है:

मैंने पढ़ा, शत्रुओं को भी
जब-जब राखी भिजवाई
रक्षा करने दौड़ पड़े वे
राखी-बन्द शत्रु-भाई॥

सिकंदर की पत्नी ने अपने पति के हिंदू शत्रु पुरूवास को राखी बाँध कर अपना मुँहबोला भाई बनाया और युद्ध के समय सिकंदर को न मारने का वचन लिया । पुरूवास ने युद्ध के दौरान हाथ में बंधी राखी का और अपनी बहन को दिये हुए वचन का सम्मान करते हुए सिकंदर को जीवनदान दिया।

ऐतिहासिक युग में भी सिकंदर व पोरस ने युद्ध से पूर्व रक्षा-सूत्र की अदला-बदली की थी। युद्ध के दौरान पोरस ने जब सिकंदर पर घातक प्रहार हेतु अपना हाथ उठाया तो रक्षा-सूत्र को देखकर उसके हाथ रुक गए और वह बंदी बना लिया गया। सिकंदर ने भी पोरस के रक्षा-सूत्र की लाज रखते हुए और एक योद्धा की तरह व्यवहार करते हुए उसका राज्य वापस लौटा दिया।

« Older Entries