बेतिया : बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के जिला इकाई के द्वारा टेंडिनोपैथी विषय पर संगोष्ठी हुई आयोजित

दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट:-

बेतिया के स्थानीय एक होटल के सभागार में बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएसन जिला ईकाई के बैनर तले विगत शाम अनवरत चिकित्सा शिक्षा के तहत टेन्डिनोपैथी विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य वक्ता एसोसिएसन के जिला सचिव सह आईएमए के जिला मीडिया प्रभारी व हड्डी, जोड़, रीढ़ व नस रोग विशेषज्ञ डॉ0 उमेश कुमार कुमार ने टेन्डिनोपैथी समस्या के बारे में बिस्तारपूर्वक बताया कि हमारे शरीर मे सामान्य रूप से जो टेंडन पाये जाते है उनका मुख्य कार्य मांसपेशी को हड्डी से जोड़ना होता है। जो हाथ, पैर, गर्दन, कमर एवं सभी जोड़ो के चाल( मूवमेंट) को नियंत्रित करते है। अगर इस टेंडन्स में सूजन या इन्जूरी हो जाय तो हड्डी या जोड़ पर दर्द या उसके चाल में कमी आ सकती है। उन्होंने आगे कहा कि टेन्डिनोपैथी के मुख्य लक्षण सुबह बेड से उठने पर चलने के दौरान एड़ी में दर्द या दिन में भी कुछ समय आराम करने के बाद चलने पर दर्द, कन्धा में जकड़न एवं हाथ को पीछे-पीछे पीठ के तरफ ले जाने में कठिनाई के साथ कन्धा में दर्द, केहुनी एवं कलाई के बाहरी हिस्सो में दर्द, अंदर या आगे के हिस्सों में दर्द, कलाई खिल्ली व फुट में गाँठ की तरह सूजन, घुटना के आगे या पीछे दर्द या सूजन- नमाज पढ़ने, पूजा करने, फर्स साफ करने , झुक कर काम करने , बैठने में परेशानी, कड़ा सतह पर बैठने पर दोनों तरफ के कूल्हों के बीच रीढ़ के आखिरी हड्डी में दर्द, चलने या दौड़ने के दौरान खिल्ली के आगे-पीछे या बाहरी हिस्सो में दर्द या एड़ी के पीछे दर्द होना बीमारी के लक्षण हो सकते है। वही इस बीमारी के बचाव के लिए गद्देदार या मुलायम सीट पर बैठे, नंगे पैर कभी न चले, गद्देदार चप्पल या जूता पहने, यथा संभव सुबह में हाथ एवं पैर के सभी जोड़ो का व्यायाम करें, नामाज पढ़ने या फर्स साफ करने वक्त नी पैड का उपयोग करे, शरीर के किसी खास हिस्से से लागातार काम नही करे, बीच-बीच मे आराम करते रहे, हड्डी को मजबूत रखे जिसके लिए सुबह आधा घण्टा धूप में बिताए, एवं प्रतिदिन आधा लीटर दूध पिये, सन्तुलित आहार लें, मोटापा, डायबिटीज, ब्लडप्रेसर को नियंत्रित रखे, अल्कोहल, धूम्रपान, कोल्ड ड्रिंक्स, नूडल्स से परहेज रखे जिससे आप अपने आप को बीमारी से बचा सकते है। वही डॉ0 उमेश कुमार ने आगे बताया कि विशिष्ट कार्य संबंधित टेन्डिनोपैथी में टेनिस एल्बो, गृहणी, राजमिस्त्री, मजदूर, टेनिस खिलाड़ी, ड्राइवर में इस बीमारी को अधिक पाये जाते है। जिसमे कलाई का टेनोसायनोयाटिस, कम्प्यूटर या मोबाईल चलना, गृहणी एवं जो माँ अपने शिशु को गोद की जगह केवल हाथ एवं कलाई के सहारे ज्यादा समय तक रखती हो, प्लांटर फ्लाइटिस, गृहणी, पुलिस कांस्टेबल, मजदूर, चौकीदार में भी लक्षण पाये जाते है। इलाज में मुख्यतः आराम कर, दर्द निवारक टेबलेट या मलहम, ठंडे पानी से सेके, कॉन्टिकोस्टेरॉयड का इंजेक्शन, डॉक्टर के सलाह पर दवा एवं इंजेक्सन ले। इस अवसर पर एसोसिएसन के जिलाध्यक्ष डॉ0 क्योलियार ने भी इस विषय पर अपना पक्ष रखते हुए आईएमए जिला अध्यक्ष डॉ0 सुशील चौधरी का स्वागत किया। वही धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 उपेंद्र कुमार ने किया। एसोसिएसन के कोषाध्यक्ष डॉ0 दीपक जायसवाल ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर डॉ0 वस्वालड़ आनंद, डॉ0 वीरेंद्र, डॉ0 अनिल, डॉ0 शिव कुमार, डॉ0 जावेद कमर, डॉ0 असद समेत कई डॉक्टर उपस्थित रहे।

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