​आखिर आज देश जान ही गया कि राफेल के मुद्दे पर कांग्रेस व उसके अध्यक्ष राहुल गांधी झूठ बोल रहे है 

🔴जब मोदी सरकार ने फ्रांस के साथ राफेल डील किया है, तब से कांग्रेस व उसके अध्यक्ष देश विदेश में घूम घूम कर मोदी सरकार पर यह आरोप लगा रहे है कि राफेल डील में मोदी सरकार ने घोटाला किया । सरकार ने बाजार से अधिक मूल्य में विमान की खरीदारी करने का समझौता कर के रिश्वतखोरी किया है । 
इस संबंध में मोदी सरकार की ओर कहां गया कि विमान एकदम बाजार मूल्य पर खरीदें जा रहे है और इस सौदे में कही भी कमीशनखोरी नहीं हुई है ।

सरकार के इस बयान पर कांग्रेस का कहना है कि सरकार राफेल विमान की खरीदारी का मूल्य घोषित करें ।

इस संबंध में सरकार की ओर से कहा गया कि फ्रांस सरकार के साथ हुए समझौते के अनुसार विमान की खरीदारी का मूल्य सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है ।

सरकार के इस घोषणा पर कांग्रेस के लोगों  का कहना था कि सरकार कमीशनखोरी को छिपाने के लिए झूठ बोल रही है । कांग्रेस के इस दावे को कुछ लोग सही मान रहे है और लोगों को लगने लगा है कि मोदी सरकार ने भी कांग्रेस की  बोफोर्स घोटाले की तरह कहीं राफेल घोटाला को अंजाम तो नही दे रही है  ?

इसी उधेड़बुन के बीच गुरुवार को एक ऐसी घटना हुई कि, जिस से कांग्रेस के दावे की धज्जियां उर गई । हुआ यो कि कांग्रेस के युवा नेता  तहसीन पूनावाला ,अपने युवा अध्यक्ष से प्रभावित होकर सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर के मांग कर दी कि न्यायालय मोदी सरकार को यह आदेश जारी करें कि सरकार राफेल डील की पुरी डिटेल्स व खरीदारी की मूल्य सार्वजनिक करें ।

कांग्रेस को जैसे ही जानकारी हुई कि पूनावाला ने इस संबंध में न्यायालय में याचिका दायर किया है । कांग्रेस ने तुरंत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर के पूनावाला के इस याचिका से अपने को अलग कर दिया । सूत्रों की माने तो पूनावाला जल्द ही अपनी याचिका वापस लेने वाले हैं ।

अब यह सोचने-समझने के जरूरत है कि आखिर कांग्रेस ने ऐसा क्यों किया  ?

इस संबंध में जानकारों की मानें तो अगर न्यायालय राफेल डील के संबंध में पुरी जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश सरकार को देती तो मजबूर में सरकार को राफेल डील की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना पड़ता । अगर ऐसा होता तो कांग्रेस की ही बदनामी होनी थी । मोदी सरकार के कई मंत्रियों ने राफेल डील के संबंध में ईसारो ईसारो में पहले ही बता दिया कि कांग्रेस की सरकार की अपेक्षा कम कीमत में डील हुआ है । 

सूत्रों की माने तो कांग्रेस के समय डील लगभग हो चुका था, लेकिन कमीशन को लेकर बात बिगड़ गई थी । मोदी सरकार के आने के बाद फ्रांस की सरकार से नई सिरे से बात हुई और पहले की अपेक्षा काफी कम कीमत में सौदा हुआ है ।

वही यह भी समझने की जरूरत है कि कांग्रेस व राहुल गांधी समेत कई विपक्ष के नेता  इस डील के संबंध में देश से झूठ क्यों बोलकर मोदी सरकार को बदनाम करने पर तूले है । सूत्रों की माने तो इस पुरे खेल में अमेरिकी रक्षा उत्पादन कंपनियों के कारण सब हो रहा है । इस पूरे प्रकरण में अमेरिकी कंपनियां फ्रांस से पिछड़ गई है और वह मोदी सरकार बदला लेने के लिए इस देश के कई नेताओं तक गलत फीडबैक उपलब्ध करवा रही है । हमारे देश के ये नेता मोदी के खिलाफ बिना कुछ सोचे समझे इन अमेरिकी कंपनियों के हाथों के कठपुतली बनें हुए हैं ।


✍नवीन सिंह परमार 

[☝ लेखक मीडिया एजेंसी ” परमार डाॅट काॅम ” के निदेशक व स्तंभकार हैं।]

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