​कांग्रेस के सुप्रीमों पर भारी पड़ रहा है नेशनल हेराल्ड घोटाला

✍नवीन सिंह परमार
💢कांग्रेस पार्टी व उसके सुप्रीमों गांधी परिवार पर नेशनल हेराल्ड घोटाला काफी भारी पड़ते नजर आ रहा है । इस  मामले में पिछले 10  सितंबर को  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल हेराल्ड के स्वामित्व वाली कंपनी यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के इनकम टैक्स के दोबारा मूल्यांकन मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को राहत नहीं दी है। हाईकोर्ट ने आयकर विभाग के वित्त वर्ष 2011-12 के टैक्स का दोबारा मूल्यांकन करने के नोटिस के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। आपको बता दें कि इसी वर्ष मार्च के महीने में आयकर विभाग ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडीस को नोटिस जारी किया था, जिसे इन लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि याचिकाकर्ताओं को नोटिस पर कोई आपत्ति है तो उन्हें आयकर विभाग के समक्ष अपनी बात कहनी चाहिए।
आयकर विभाग के मुताबिक  यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक होने का राहुल गांधी ने खुलासा नहीं किया था। जाहिर है कि इस मामले में पिछले महीने 16 अगस्त को आयकर विभाग के टैक्स के पुनर्मूल्यांकन के नोटिस के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडीस द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आयकर विभाग की ओर से यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को जारी किए गए नोटिस में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी को 2 हजार करोड़ संपत्ति सौदे में असली लाभार्थी बताया गया है। 10 जनवरी, 2017 को जारी इस नोटिस में दावा किया गया है कि यंग इंडियन कंपनी, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी के पास सर्वाधिक शेयर थे उसमें प्रियंका गांधी ने इस बात को सुनिश्चित किया कि कंपनी के सौ फीसदी शोयर उनके कब्जे में आ जाए।

 गौरतलब हो कि गांधी परिवार पर अवैध रूप से नेशनल हेराल्ड की मूल कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की संपत्ति हड़पने का आरोप है। वर्ष 1938 में कांग्रेस ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी। यह कंपनी नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और कौमी आवाज नाम से तीन अखबार प्रकाशित करती थी। एक अप्रैल, 2008 को ये अखबार बंद हो गए। मार्च 2011 में सोनिया और राहुल गांधी ने ‘यंग इंडिया लिमिटेड’ नाम की कंपनी खोली और एजेएल को 90 करोड़ का ब्याज-मुक्त लोन दिया। एजेएल यंग इंडिया कंपनी को लोन नहीं चुका पाई। इस सौदे की वजह से सोनिया और राहुल गांधी की कंपनी यंग इंडिया को एजेएल की संपत्ति का मालिकाना हक मिल गया। इस कंपनी में मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के 12-12 प्रतिशत शेयर हैं, जबकि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के 76 प्रतिशत शेयर हैं। गांधी परिवार पर अवैध रूप से 

नेशनल हेराल्ड की मूल कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की संपत्ति हड़पने का आरोप लगा है, जो प्रमाणित होते जा रहा है । कुल मिलाकर एक बात है कि कांग्रेस के इस सुप्रीमों परिवार ने अपने देशभक्ति के नाम पर देश की संपत्ति लूटने का जो प्रयास किया है , इसका अब पर्दाफाश हो चुका है ।

(☝लेखक मीडिया एजेंसी ” परमार डाॅट काॅम ” के निदेशक व स्तंभकार हैं)

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