बीडीओ पर जानलेवा हमले की हो रही सर्वत्र निंदा,बड़हरिया विधायक की मंशा पर सवालिया निशान

बीडीओ पर जानलेवा हमले की हो रही सर्वत्र निंदा,बड़हरिया विधायक की मंशा पर सवालिया निशान

✍🏻कुमार विपेन्द्र

सीवान : बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ पचरुखी के अंचल सचिव जयप्रकाश सिंह ने बड़हरिया बीडीओ पर जानलेवा हमले की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में ऐसे कृत्य की इजाजत कदापि नहीं दी जा सकती।बीडीओ पर हमला लोकतंत्र पर हमला है।अगर ऐसे ही होता रहा तो कोई भी सरकारी कर्मचारी काम करना ही नहीं चाहेगा।

श्री सिंह ने सुशासन की सरकार और स्थानीय विधायक की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ये कैसा महिला सशक्तिकरण है जहां पर नये-नये पदधारक पैदा हो गये हैं।आखिर मुखिया पति,सरपंच पति,प्रमुख पति कोई विशिष्ट व्यक्ति हैं जिन्हें आधिकारीगण बैठक में भाग लेने इजाजत देते हैं।एकाध जगहों को छोड़ कर अधिकांश जगहों पर महिला जनप्रतिनिधि नाम की हैं।ना तो आम सभा हो रहा है और ना ही कोई भागीदारी।यहां तक कि ये विशिष्ट पति सरकारी कागजातों पर हस्ताक्षर भी स्वयं कर देते हैं।इसकी जांच होनी चाहिए तथा अभी तक इसकी अनुमति देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ ऐसे जनप्रतिनिधियों पर भी कारवाई होनी चाहिए।तभी जाकर सही अर्थों में महिला सशक्तिकरण भी होगा और ऐसे हमले भी रूकेंगे।उधर पचरुखी उप प्रमुख ओमप्रकाश मिश्रा का कहना है कि बड़हरिया बीडीओ के साथ जो हुआ वह निंदनीय है।इस कुकृत्य के लिए दोषी लोगों पर करवाई करते हुए अविलम्ब जेल भेजना चाहिए।
यहां एक बात काबिले गौर है कि बड़हरिया प्रमुख सुबूकतारा खातून के जेठ अमीरुल्लाह सैफी की सुशासन बाबू से काफी अच्छे ताल्लुकात बताये जाते हैं।साथ ही सरकार में श्री सैफी की अच्छी पैठ बताई जाती है।कई मंचो पर सुशासन बाबू के बेहद करीब अमीरुल्लाह सैफी नजर आए हैं।अब देखना ये है कि बीडीओ की पिटाई के मामले में सुशासन की प्रशासन क्या करवाई कर पाती है।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s