भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत्सर 2075 की अग्रिम शुभकामनायें

भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत्सर 2075 की अग्रिम शुभकामनायें

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👉इस वर्ष भारतीय नव वर्ष, युगाब्द 5120, विक्रम संवत् 2075 ईसाई संवत्सर के तिथि के अनुसार 18 मार्च से शुभारंभ हो रहा है। नव वर्ष की अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें…..👈

विक्रम संवत्सर अत्यंत प्राचीन संवत है। भारत के सांस्कृतिक इतिहास की दृष्टि से सर्वाधिक लोकप्रिय राष्ट्रीय संवत विक्रम संवत्सर ही है।

आरम्भकर्ता : सम्राट चंद्रगुप्त विक्रमादित्य
शुरुआत : लगभग 2075 वर्ष यानी 57 ईसा पूर्व में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से।

👉पौराणिक महत्त्व:-

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पुराणों के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को ब्रह्मा ने सृष्टि निर्माण किया था, इसलिए इस पावन तिथि को ‘नव संवत्सर’ पर्व के रूप में भी मनाया जाता है।
शास्त्रीय मान्यतानुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की तिथि के दिन प्रात: काल स्नान आदि से शुद्ध होकर हाथ में गंध, अक्षत, पुष्प और जल लेकर ओम भूर्भुव: स्व: संवत्सर- अधिपति आवाहयामि पूजयामि च इस मंत्र से नव संवत्सर की पूजा करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने देश के सम्पूर्ण ऋण को, चाहे वह जिस व्यक्ति का भी रहा हो, स्वयं चुकाकर ‘विक्रम संवत्सर’ की शुरुआत की थी।
ये भी मान्यता है कि सम्राट चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने देशवासियों को शकों के अत्याचारी शासन से मुक्त किया था। उसी विजय की स्मृति में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से ‘विक्रम संवत्सर’ का आरम्भ हुआ था।

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा एक स्वयं सिद्ध अमृत तिथि है एवं इस दिन यदि शुद्ध चित्र से किसी भी कार्य की शुरुआत की जाए एवं संकल्प किया जाए तो वह अवश्य सिद्ध होता है ।
इस वर्ष भारतीय नव वर्ष, युगाब्द 5120, विक्रम संवत् 2075 ईसाई संवत्सर के तिथि के अनुसार 18 मार्च से शुभारंभ हो रहा है। नव वर्ष की अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें…..

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