•अबू धाबी में पहला हिंदू मंदिर का आधारशिला रखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

•अबू धाबी में पहला हिंदू मंदिर का आधारशिला रखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

•मोदी के आग्रह पर मंदिर के लिए अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन जायेद अल नहयान ने अबूधाबी-दुबई हाईवे के पास मुफ्त जमीन दी थी।

•’भारत माता’ की जय और मोदी-मोदी के नारे से गूंज उठा दुबई के ओपेरा हाउस।

अबू धाबी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दुबई के ओपेरा हाउस हुए में भारतवंशियों के एक कार्यक्रम में अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी। उन्होंने इसके मॉडल का लोकार्पण भी किया। इस मंदिर का निर्माण दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर व न्यूजर्सी में निर्माणाधीन मंदिर की तर्ज पर होगा। यह 2020 तक बनकर तैयार हो जाएगा।

पीएम मोदी ने इसके लिए उन्हें 125 करोड़ भारतीयों की ओर से धन्यवाद दिया। बोचासनवासी श्रीअक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) इस मंदिर का निर्माण कराएगी। विश्व में इसके 1100 से ज्यादा मंदिर हैं। आपको बता दें कि अबू धाबी में एक भी मंदिर नहीं है। पीएम मोदी द्वारा मंदिर का उद्घाटन कराए जाना भारत और दुबई के मजूबत रिश्ते को दर्शाता है।  बीएपीएस के प्रवक्ता ने बताया कि यह मंदिर परंपरागत शिलाओं से बना मध्य-पूर्व का पहला मंदिर होगा। यह परंपरागत हिंदू मंदिर होने के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक परिसर भी होगा। मंदिर के लिए अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन जायेद अल नहयान ने अबूधाबी-दुबई हाईवे के पास मुफ्त जमीन दी है।

मंदिर की आधारशीला रखने के बाद पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि खाड़ी देशों के विकास के लिए भारतीयों ने अहम योगदान दिया है। वह उनके सपनों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करेंगे। वहीं मंदिर के निर्माण के लिए 125 करोड़ भारतीयों की तरफ से क्राउन प्रिंस का शुक्रिया अदा किया। पीएम के भाषण के दौरान कई बार मोदी-मोदी के नारे भी लगे और ‘भारत माता’ की जय से पूरा ओपेरा हाउस गूंज उठा। अपने भाषण में पीएम मोदी ने नोटबंदी, जीएसटी जैसे तमाम मुद्दों का जिक्र किया और कहा कि दुनिया का भारत के प्रति नजरिया बदल रहा है। इसके बाद पीएम मोदी वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट में शामिल हुए।

पीएम मोदी के भाषण की मुख्य बातें:- •हमारा नाता सिर्फ कारोबार का नहीं, सहयोग का भी है।

•खाड़ी देशों की विकास यात्रा में 30 लाख से ज्यादा भारतीय भी शामिल हैं।

•अबू धाबी में सेतु के रूप में मंदिर का निर्माण हो रहा है। यह मानव साझेदारी का बेहतरीन उदाहरण है। अबू धाबी का यह मंदिर बेहद भव्य होगा। इसके लिए मैं यूएइ के क्राउन प्रिंस का दिल से आभार व्यक्त करता हूं।

•दुबई में बसता है लघु भारत।

•पिछले चार साल में देश का आत्मविश्वास बढ़ा है। निराशा, आशंका और दुविया के दौरे से भी गुजरे। अब भारत विकास की नई ऊचाइंयों को छू रहा है।

•आज देश नहीं पूछ रहा कि होगा या नहीं होगा?। आज पूछते हैं कि मोदी जी बताओ कब होगा?

•पहले निराशा के दिन भी हमने देखे हैं। आज विश्वास है कि होगा तो अभी होगा।

•भारत की विश्व रैंकिंग में जबरदस्त उछाल आई है।

•2014 में ईज ऑफ डुइंग बिजनस में हम 142वें नंबर पर थे।

•इस सूची में पीछे से ढूंढने पर हमारा नाम आसानी से मिल जाता था। लेकिन इतने कम समय में हम 42 अंक आगे जाकर 100वें नंबर पर पहुंच गए हैं, हम यहां भी नहीं रुकेंगे, हमें अभी और आगे जाना है। इसके लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेंगे।

•दुनिया कह रही है कि 21वीं सदी भारत की सदी है।

•नोटबंदी को गरीब ने सही कदम माना है। हालांकि दो सालों से कुछ लोगों की नींद उड़ी हुई है।

•60 साल से अटका हुआ GST पास हुआ।

•बदलाव आने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोगों को अच्छे लगने वाले नहीं, फायदे वाले कदम की जरूरत है।

•मैं आपको आश्वासन देता हूं कि यहां और भारत में रहने वाले लोगों के सपनों को हम मिलकर पूरा करेंगे।

PM मोदी के संबोधन से पहले सुनाई दिया गुजराती गीत

पीएम मोदी के संबोधन से पहले ओपेरा हाउस में गुजराती गीत सुनाई दिया। भारतीय छात्रा सुचेता ने गुजराती, असमिया, मलयालम समेत अन्य भारतीय भाषाओं में गीत गाकर दर्शकों को आकर्षित किया। सुचेता 107 भाषाओं में गीत गाने में सक्षम हैं। इसके लिए उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है।

वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि:-इस बीच मंदिर की आधारशिला रखने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहात-अल-करामा मेमोरियल पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद संयुक्त अरब अमीरात जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पीएम मोदी ने रखी प्रथम मंदिर की आधारशीला:-पीएम मोदी ने अबू धाबी में प्रथम हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी। यह मंदिर 55000 वर्ग मीटर भूमि पर बनेगा और इस विशाल मंदिर का निर्माण अबू धाबी में ‘अल वाकबा’ नाम की जगह पर होगा। हाइवे से सटा अल वाकबा अबू धाबी से तकरीबन 30 मिनट की दूरी पर है। इस मंदिर का निर्माण भारतीय शिल्पकार कर रहे हैं। यह निर्माण कार्य 2020 में पूरा हो जाएगा।

2020 तक तैयार हो जाएगा मंदिर:-मंदिर के निर्माण क्षेत्र की देखभाल करने वाले बोचासनवासी श्री अक्षर पुरषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) राजस्थान से एक विशेष गुलाबी रंग के पत्थर की नींव रखने के दौरान इस्तेमाल करेंगे। बीएपीएस के प्रवक्ता ने बताया कि यह पश्चिम एशिया में पत्थरों से बना यह प्रथम हिंदू मंदिर होगा। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य 2020 तक पूरा हो जाएगा और सभी धार्मिक पृष्ठभूमि के लोगों के लिए इसे खोला जाएगा। अबू धाबी में यह पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर होगा। शिलान्यास समारोह की तैयारियों लगभग पूरी हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि संत ईश्वर चंद स्वामी के नेतृत्व में 12 संत प्रथम मंदिर की आधारशिला का अनुष्ठान कराएंगे।

बीआर शेट्टी ने शुरू की मंदिर बनाने की मुहिम:-बता दें कि बीआर शेट्टी ने मंदिर को बनाने की मुहिन छेड़ी हैं, जो जो अबू धाबी के जाने-माने भारतीय कारोबारी हैं। शेट्टी ‘यूएई एक्सचेंज’ नाम की कंपनी के एमडी और सीइओ हैं। वैसे तो मंदिर साल 2017 के आखिर तक बन कर तैयार हो जाना था लेकिन किन्हीं कारणों से इसमें देरी हुई। अब पीएम मोदी के दौरे और भूमिपूजन के बाद मंदिर की नींव रखी जाएगी और काम शुरू होगा। उम्मीद है 2020 तक मंदिर का निर्माण कार्य भी पूरा हो जाएगा।

मंदिर में कौन से भगवान होंगे? बताया जा रहा है कि दुबई के प्रथम हिंदू मंदिर में भगवान कृष्ण, शिव और अयप्पा की मूर्तियां होंगी। अयप्पा को विष्णु का एक अवतार बताया जाता है और दक्षिण भारत खासकर केरल में इनकी पूजा होती है। बता दें कि दुबई में दो मंदिर और एक गुरुद्वारा जरूर है, लेकिन अबू धाबी में कोई भी मंदिर नहीं है। गौरतलब है कि यूएइ में करीब 30 लाख भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं।

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