सहरसा : नवनिर्मित सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल भवन में कामकाज शुरू

अनुमंडल व्यवहार न्यायालय व जेल बनना अभी भी अधुरा

25 वर्षो बाद अनुमंडल को मिला अपना स्वंय का भवन

22 सितंबर 1992 को हुई सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल का स्थापना

सिमरी बख़्तियारपुर(सहरसा) ब्रजेश भारती

प्रखंड के खम्हौती पंचायत स्थित मधुबन गांव के समीप नवनिर्मित अनुमंडल भवन कार्यालय में शनिवार से सभी कार्यालय स्थापित हो कर सुचारू रूप से संचालित होने लगा।

तीन चार दिन पहले से ही पुराने भवन से सारा सामान यहां से वहां पहुंचाया जा रहा था। सभी कार्यालय अपने अपने कमड़ों में स्थापित हो शुरू हो जाने से कर्मीयों सहित लोगों में खुशी देखी जा रही हैं।

हालांकि शनिवार को स्थानिय विधायक सह सुबें के आपदा मंत्री दिनेश चंद्र यादव के हाथों अनुमंडल कार्यालय का कामकाज का विधिवत शुभारंभ होना था लेकिन अचानक किन्ही कारणों से रद्द हो जाने के बाबजूद नये भवन में सभी कार्यालय संचालन की शुरूआत कर दी गई।

हलांकि कार्यक्रम रद्द होने से प्रखंड कार्यालय भवन एवं नर्सिंग स्कूल के निर्माण कार्य की आधारसिला नही रखी जा सकी।

नये भवन में होंगें ये सब कार्यालय –

नवनिर्मित अनुमंडल मुख्यालय भवन में अनुमंडलीय कार्यालय के डीएसपी आफिस भी होगा। वही अवर निबंधन,लोक शिकायत निवारण,भूमि सुधार उपसमाहर्ता(डीसीएलआर) कार्यालय संचालित होंगे। ये सभी कार्यालयों में डीएसपी आफिस कोशी प्रोजेक्ट रानीबाग में चल रहा था वही बाकी कार्यालय पुराने प्रखंड मुख्यालय परिषर में संचालित किया जा रहा था।

कौन मंजिल पर किसका आफिस –

तीन मंजिला ईमारत भवन में सबसे उपरी मंजिल पर एसडीओे आफिस,डीएसपी आफिस सहित न्यायालय का कार्य संचालित होगा।

दुसरी मंजिल पर डीसीएलआर, अनुमंडल कार्यालय, एवं अवर निर्वाचन कार्यालय है। सबसे नीचे प्रथम तल्ला यानी ग्राइंड फ्लोर में आरटीपीएस, लोक शिकायत निवारण कार्यालय, रजिस्टर कार्यालय एवं मीटिंग हाल है।

हालांकि फिलहाल रजिष्ट्री कार्यालय पुराने भवन यानी प्रखंड कैम्पस में ही संचालित है। अनुमंडल पदाधिकारी सुमन प्रसाद साह ने बताया कि रजिष्ट्री कार्यालय को छोड़ बांकी सभी कार्यालय शनिवार से कार्य प्रारंभ हो सुचारू रूप से संचालित हो रहा हैं।

यहां बताते चले कि सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल को 22 सितंबर 1992 को तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने स्थापना की थी। तभी से यह अनुमंडल मुख्यालय गोदाम भवन में संचालित हो रहा था।

अभी भी इस अनुमंडल में अनुमंडल व्यवहार न्यायालय नही खुला है। ना ही जेल ही बना है।ये सब कब तक बनेगा यह भविष्य की गर्त में है।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s